
टंडवा (चतरा):अंचल क्षेत्र में अवैध मिट्टी का खनन बड़े पैमाने पर हो रहा है।जिसकी चर्चा टंडवा से लेकर दिल्ली तक जोरो पर हो रही है खूब चर्चा।यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है।जानकारी के मुताबिक मिश्रौल और पदमपुर पंचायत क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मिट्टी का अवैध कारोबार हो रहा हैं।सूत्र बताते हैं कि इस अवैध मिट्टी के खनन कारोबार में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा कार्रवाई होती है तो कई तरह से खुल सकती है राज।वही ग्रामीणों का आरोप है कि यह केवल पर्यावरण का नुकसान नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये का मनी लॉन्ड्रिंग का खेल होता रहा है।ग्रामीणों का दावा है कि मिलिनीयम,झंझरिया, रॉयल,इरकॉन इन चार कंपनियों ने मिलकर एक बड़ा संगठित गिरोह की तरह करोड़ों की सरकारी संपत्ति को चुना लगाते आ रहे है।कांड संख्या 103/26 के तहत टंडवा थाना में मामला दर्ज है। इस कांड संख्या को अब ईडी द्वारा टेकओवर करने की आशंका जताया जा रही है। ताकि अवैध लेन-देन का पर्दाफास हो सके। दो वर्ष पूर्व राजा कंपनी पर भी अवैध खनन के आरोप में 50 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया था। बावजूद इसके, संबंधित विभाग की लापरवाही से खनन का खेल जारी रहा था। ग्रामीणों का कहना हैं यदि इस पूरे प्रकरण का निष्पक्ष रूप से जांच होगी ,तो बहुत बड़ा मनी लॉन्ड्रिंग का पर्दाफास होगा। यह झारखंड के सबसे बड़े घोटालों में से एक साबित होगा। उनका मानना है कि इस रैकेट को संरक्षण देने वाले संबंधित क्षेत्र के कुछ तथाकथित सफेदपोशों के द्वारा भारी मात्रा में अवैध तरीके से लेन देन का भी होने की संभावना है।इसी निष्क्रियता से ग्रामीणों का शक यकीन में बदल गया है कि पर्दे के पीछे बड़े बड़े खिलाड़ी इस खेल को नियंत्रित कर रहा है।
