By Mustaffa
मेसरा (रांची): झारखंड में किसानों की ज्वलंत समस्याओं,बेमौसम बारिश से हुए नुकसान और हेमंत सरकार द्वारा चुनाव पूर्व किए गए वादों को पूरा न करने के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मोर्चा खोल दिया है। कांके प्रखंड मुख्यालय पर भाजपा कार्यकर्ताओं और किसान नेताओं ने राज्य सरकार की किसान-विरोधी नीतियों के खिलाफ एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया। इसके बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) के माध्यम से माननीय राज्यपाल को संबोधित एक विस्तृत मांगपत्र सौंपा गया। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि महागठबंधन सरकार ने चुनाव से पहले धान का एमएसपी 3200 रुपये प्रति क्विंटल करने,मुफ्त बिजली देने और मात्र एक रुपये में फसल व पशु बीमा जैसी लोकलुभावन घोषणाएं की थीं,जिन्हें सरकार बनते ही ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। वर्तमान में बिचौलिए हावी हैं,खाद की भारी किल्लत है और 266 रुपये वाली यूरिया की बोरी किसानों को 800 रुपये तक में खरीदनी पड़ रही है। इसके अलावा बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से तरबूज,खीरा व सब्जियों की बर्बाद हुई फसलों के लिए तुरंत मुआवजे की मांग की गई है। मांगपत्र की मुख्य मांगें: धान का एमएसपी 3200 रुपये क्विंटल सुनिश्चित हो और बकाया राशि का तुरंत भुगतान किया जाए। बेमौसम बारिश से हुए नुकसान का जमीनी सर्वे कराकर उचित मुआवजा मिले। पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना को पुनः बहाल किया जाए। किसानों को मुफ्त बिजली और आम जनता को 450 रुपये में एलपीजी सिलेंडर दिया जाए। ऋण माफी योजना की जटिलताओं को दूर कर कोल्ड स्टोरेज व सिंचाई की उचित व्यवस्था हो। चेतावनी: भाजपा ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने इन मांगों पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए,तो सड़क से लेकर सदन तक उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस विशाल धरना प्रदर्शन के मौके पर सुकेश नाथ तिवारी,नसीबलाल महतो,नरेंद्र सिंह,मनोज बाजपाई, कमलेश राम,संजीत सिंह,सुषमा देवी,संगीता देवी,महानंद महतो,प्रभात भूषण,शिवलाल महतो,अमित साहू,नवीन सिंह एवं रवि लोहारा सहित भाजपा के कई प्रमुख नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
