By Nutan
लोहरदगा: विशु सेंदरा से लौटने के दौरान बरही गांव की माताओं, बहनों एवं महिलाओं के द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाज, ढोल-नगाड़ों, नृत्य एवं मंगल गीतों के साथ भव्य स्वागत किया गया। महिलाओं ने अतिथियों एवं सेंदरा दल के सदस्यों का तिलक लगाकर, फूल-मालाओं एवं आरती के साथ अभिनंदन किया। पूरे गांव में उत्साह, उल्लास और पारंपरिक संस्कृति की अद्भुत झलक देखने को मिली।
इस अवसर पर गांव के बुजुर्गों, युवाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि विशु सेंदरा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, एकता एवं प्रकृति संरक्षण का प्रतीक है। बरही गांव की महिलाओं द्वारा किया गया यह सम्मान समाज की सामूहिक शक्ति, भाईचारे और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने वाला प्रेरणादायक उदाहरण है।
सभी सेंदरा वीरों, पड़हा प्रतिनिधियों, पहन-पुजार, महतो एवं ग्रामीणों ने बरही गांव की महिलाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार का सम्मान आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति और परंपरा से जोड़ने का कार्य किया।
