रामगढ़ में अवैध कोयला खदान में दम घुटने से चार मजदूरों की मौत

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30 फीट गहरे अवैध मुहाने में ऑक्सीजन की कमी बनी हादसे की वजह, रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद निकाले गए शव

Eksandeshlive Desk

रामगढ़ : रामगढ़ जिले के सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के अरगड्डा प्रक्षेत्र में अवैध कोयला खनन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। जंगल क्षेत्र में बने एक अवैध कोयला मुहाने (चाल) में फंसने से चार मजदूरों की मौत हो गई। यह घटना अरगड्डा पुराने माइंस के सामने स्थित चपरी गांव के काजू बागान क्षेत्र में हुई। शनिवार को पुलिस और माइंस रेस्क्यू टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर चारों मजदूरों के शव बाहर निकाले। मृतकों की पहचान किशोर, आशीष, देवा और डब्बू के रूप में हुई है। सभी मजदूर अवैध रूप से कोयला निकालने के लिए खदाननुमा मुहाने में उतरे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अंदर ऑक्सीजन की भारी कमी होने के कारण उनका दम घुट गया और वे बाहर नहीं निकल सके।

घटना की सूचना मिलने के बाद रामगढ़ थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडे, कुज्जू ओपी प्रभारी आशुतोष कुमार सिंह सहित पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद माइंस रेस्क्यू की 12 सदस्यीय टीम को बचाव अभियान में लगाया गया। काफी मशक्कत के बाद सभी शवों को बाहर निकाला गया। बचाव अभियान का नेतृत्व कर रहे माइंस रेस्क्यू इंचार्ज विकास कुमार ने बताया कि अवैध कोयला मुहाना काफी गहरा और खतरनाक था। लगभग 30 फीट नीचे उतरने के बाद करीब 40 फीट अंदर तक कोयले की खुदाई की गई थी। जब रेस्क्यू टीम अंदर पहुंची तो वहां ऑक्सीजन का स्तर बेहद कम था। सामान्य परिस्थितियों में जहां लगभग 21 प्रतिशत ऑक्सीजन होनी चाहिए, वहीं अंदर मात्र 9 प्रतिशत ऑक्सीजन पाई गई। उन्होंने कहा कि इतनी कम ऑक्सीजन में किसी व्यक्ति का अधिक देर तक जीवित रह पाना संभव नहीं होता। आशंका है कि मजदूरों का दम घुटने लगा और वे अचेत होकर वहीं फंस गए, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) नीतीश कुमार ने कहा कि जंगल क्षेत्र में अवैध खनन और अवैध मुहानों को बंद करने की कार्रवाई लगातार की जा रही है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि कई लोग आर्थिक लाभ के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर जंगल और खनन क्षेत्रों में अवैध सुरंगें बना लेते हैं। डीएफओ ने कहा कि बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी निगरानी या ऑक्सीजन प्रबंधन के ऐसे स्थानों पर काम करना बेहद खतरनाक है। वन विभाग की ओर से अवैध मुहानों को पूरी तरह बंद करने की कार्रवाई की जा रही है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की कि वे किसी भी अवैध खनन गतिविधि में शामिल न हों।

कुज्जू ओपी पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में ऑक्सीजन की कमी को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और अवैध खनन गतिविधियों में शामिल लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खनन लंबे समय से क्षेत्र की गंभीर समस्या बना हुआ है। उन्होंने प्रशासन से ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने और लोगों को वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी परिवार को इस तरह की त्रासदी का सामना न करना पड़े।

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