Eksandeshlive Desk
पश्चिमी सिंहभूम : पश्चिमी सिंहभूम जिले के झींकपानी स्थित एसीसी लिमिटेड के ऐतिहासिक चाईबासा सीमेंट वर्क्स के बंद होने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। वर्ष 1946 से संचालित यह सीमेंट संयंत्र आगामी 16 अगस्त 2026 से बंद कर दिया जाएगा। कंपनी प्रबंधन ने इस संबंध में 15 जून 2026 को भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय को औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के तहत निर्धारित प्रपत्र-13 में बंदी की सूचना भेजी है। कंपनी की ओर से भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि संयंत्र को चलाने के लिए आवश्यक चूना पत्थर (लाइमस्टोन) का भंडार लगभग समाप्त हो चुका है। इसके साथ ही क्लिंकर उत्पादन की बढ़ती लागत और आठ दशक पुराने प्लांट की तकनीकी अक्षमता के कारण उत्पादन को आर्थिक रूप से जारी रखना संभव नहीं रह गया है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए प्रबंधन ने प्लांट को स्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है।
बंदी के कारण संयंत्र में कार्यरत 74 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त हो जाएंगी। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि सभी प्रभावित कर्मचारियों को औद्योगिक संबंध संहिता एवं अन्य लागू श्रम कानूनों के तहत देय मुआवजा, नोटिस वेतन और अन्य भुगतान निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद उपलब्ध कराया जाएगा। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि कर्मचारियों को नोटिस अवधि के बदले एक माह का वेतन तथा अन्य वैधानिक लाभ दिए जाएंगे। एसीसी प्रबंधन ने बंदी संबंधी सूचना क्षेत्र के उप मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) तथा मान्यता प्राप्त श्रमिक संगठनों और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों को भी भेज दी है। कंपनी ने अपने आवेदन में यह भी स्पष्ट किया है कि इस मामले को लेकर वर्तमान में किसी न्यायालय में कोई वाद लंबित नहीं है। चाईबासा सीमेंट वर्क्स लंबे समय से कोल्हान क्षेत्र की औद्योगिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इसके बंद होने से न केवल कर्मचारियों और उनके परिवारों पर प्रभाव पड़ेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और आसपास के व्यवसायों पर भी इसका असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
