By Mustaffa
ओरमांझी में हादसा: 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार से छू गया लोहे का सरिया,मौके पर ही थमीं दीपक की सांसें
मेसरा (रांची): एक तरफ आसमान छूती इमारतें बन रही हैं,तो दूसरी तरफ इन इमारतों की बुनियाद में गरीबों का खून जम रहा है। ओरमांझी थाना क्षेत्र के बरवे महुआ टोली में बिजली विभाग और ठेकेदार की घोर लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया। निर्माणाधीन मकान में काम करने के दौरान 11 हजार हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से 27 वर्षीय मजदूर दीपक उरांव की दर्दनाक मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक,बरवे निवासी जाकिर अंसारी के मकान का निर्माण कार्य चल रहा था। ठेकेदार इम्तियाज अंसारी ने मजदूरों को काम पर लगाया था। दोपहर के वक्त दीपक उरांव जमीन से पिलर खड़ा करने के लिए लोहे के लंबे सरिये को सीधा कर रहा था। इसी दौरान मकान की छत के ठीक ऊपर से गुजर रहा 11 हजार वोल्ट का नंगा तार सरिये से सट गया। करंट का झटका इतना भयानक था कि दीपक की मौके पर ही मौत हो गई,जबकि पास काम कर रहे दो-तीन अन्य मजदूर छिटककर दूर जा गिरे। उन्हें मामूली चोटें आई हैं। आनन-फानन में दीपक को इरबा स्थित मेदांता अस्पताल ले जाया गया,जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस खौफनाक हादसे के बाद कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए पर्दे के पीछे का खेल शुरू हो गया। सूत्रों के अनुसार,घटना के बाद मकान मालिक और ठेकेदार ने पीड़ित परिवार को भारी-भरकम मुआवजे का लिखित तौर पर आश्वासन दिया। इसके बाद बिना पुलिस को सूचना दिए और बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को अस्पताल से घर ले आया गया। पुलिस रिकॉर्ड में इस मौत की कोई एंट्री नहीं हुई,जो सुरक्षा मानकों पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है। दीपक अपने पूरे परिवार में इकलौता कमाने वाला सदस्य था। वह दिनभर पसीना बहाकर जो लाता था,उसी से घर का चूल्हा जलता था। उसकी मौत की खबर जैसे ही घर पहुंची,कोहराम मच गया। दीपक की पत्नी संजू देवी और बूढ़ी मां रूदन देवी बदहवास हालत में हैं। सबसे ज्यादा दर्दनाक मंजर उसकी चार मासूम बेटियों का है,सृष्टि कुमारी (15 वर्ष),दीपिका कुमारी (12 वर्ष),रितिका कुमारी (10 वर्ष),दीपशिखा (6 वर्ष),इन चारों बच्चियों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। बिलखती बेटियों को देखकर वहां मौजूद हर ग्रामीण की आंखें नम थीं। हादसे के बाद गांव में मातम और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि रिहायशी इलाकों में छतों के ऊपर से हाईटेंशन तार का गुजरना खुलेआम मौत को दावत देना है। बिजली विभाग इस पर आंखें मूंदे बैठा है। स्थानीय समाजसेवियों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को सरकारी प्रावधानों के तहत अविलंब उचित मुआवजा और पारिवारिक पेंशन दी जाए,ताकि इन चार बच्चियों का भविष्य अंधकार में डूबने से बच सके।
