ग्रामीणों ने फूंका सांसद संजय सेठ व विधायक राजेश कच्छप का पुतला

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​अल्टीमेटम: एक महीने में सड़क नहीं बनी तो होगा उग्र आंदोलन

​रांची: ओरमांझी प्रखंड के इरबा पाहन टोली (इरबा से ओयना-चंदवे मार्ग) की बदहाली पर आखिरकार ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया। पिछले दो वर्षों से नारकीय जीवन जी रहे ग्रामीणों ने बुधवार को व्यवस्था के खिलाफ हुंकार भरते हुए विशाल आक्रोश मार्च निकाला। हाथों में ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ की तख्तियां थामे भारी संख्या में जुटी महिलाओं और युवाओं ने स्थानीय सांसद संजय सेठ और विधायक राजेश कच्छप के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चौराहे पर उनका पुतला फूंका। ​ग्रामीणों ने कहा कि दर्जनों गांवों को जोड़ने वाली यह मुख्य सड़क क्षेत्र की ‘लाइफलाइन’ है। यहां कई नामचीन स्कूल,कॉलेज और घनी आबादी वाली कॉलोनियां हैं,जिससे रोजाना हजारों छात्रों और कामकाजी महिलाओं को इसी जानलेवा रास्ते से गुजरना पड़ता है। बारिश में यह सड़क तालाब बन जाती है,जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को सीधे तौर पर एक महीने की समय-सीमा (अल्टीमेटम) दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि एक माह के भीतर धरातल पर सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ,तो आंदोलन उग्र रूप लेगा। नेताओं को चेतावनी देते हुए उन्होंने साफ कहा कि चुनाव में खोखले वादे करने वाले जनप्रतिनिधियों को इस बार गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा। मौके पर मुख्य रूप से पूर्व मुखिया विनीता कुजूर,दीपक मुंडा,बालेश्वर पाहन,रिजवान अंसारी,साबीर अंसारी,चरकु मुंडा,मेराज अंसारी,सुरेश कुमार,साकिर अंसारी,एजाज अंसारी,सोमर उरांव,जावेद अंसारी,आदिल अंसारी,हलीम अंसारी,कलीम अंसारी,सुमन गुप्ता,निक्की कुमारी,सहीदा खातून एवं बिलकिस बानो समेत सैकड़ों की संख्या में महिला व पुरुष ग्रामीण उपस्थित थे।

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