निरंकारी युवा सत्संग में युवाओं ने दिया आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाने का संदेश

Religious

Eksandeshlive Desk

रांची/अरगोड़ा : संत निरंकारी सत्संग भवन, बुद्ध विहार, अरगोड़ा में रविवार को निरंकारी युवा सत्संग का भव्य आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवा भाई-बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी सहभागिता निभाई तथा सत्गुरु के दिव्य संदेशों को अपने विचारों, भजनों एवं प्रेरणादायक प्रस्तुतियों के माध्यम से साझा किया। कार्यक्रम में महात्मा देश राज ने संगत को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय का युवा यदि सत्गुरु के आध्यात्मिक मार्गदर्शन को अपने जीवन में अपनाए, तो वह न केवल स्वयं का बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र का भी उज्ज्वल भविष्य निर्मित कर सकता है। उन्होंने कहा कि संत निरंकारी मिशन का उद्देश्य मानव को आत्मज्ञान के माध्यम से परमात्मा का प्रत्यक्ष बोध कराना तथा प्रेम, नम्रता, सेवा, सद्भाव और मानवता के मूल्यों को जीवन में उतारने के लिए प्रेरित करना है।

महात्मा देश राज ने सत्गुरु का संदेश साझा करते हुए कहा कि सच्ची भक्ति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि परमात्मा की पहचान प्राप्त कर उसके बताए मार्ग पर प्रेम, विनम्रता, सेवा और आपसी भाईचारे के साथ जीवन जीना ही वास्तविक अध्यात्म है। आज का युवा यदि नफरत, अहंकार और भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता को अपनाए, तो समाज में शांति, एकता और सद्भाव का वातावरण और अधिक सुदृढ़ होगा। युवा वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सत्गुरु की कृपा से प्राप्त ब्रह्मज्ञान जीवन को सही दिशा प्रदान करता है तथा व्यक्ति को सकारात्मक सोच, संस्कार और मानव कल्याण के मार्ग पर अग्रसर करता है। कार्यक्रम का समापन सामूहिक अरदास एवं सत्गुरु के संदेश के साथ हुआ। उपस्थित श्रद्धालुओं ने ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों को युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण एवं नैतिक मूल्यों के विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

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