ओरमांझी में डेढ़ किमी जीवनरेखा सड़क के लिए ग्रामीणों ने कसी कमर

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By Mustaffa

मेसरा (रांची): विकास की राह देख रहे ओरमांझी और कांके प्रखंड के कई गांवों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। सदमा एवं कुच्चू पंचायत के ग्रामीणों ने शनिवार को अपनी बरसों पुरानी मांग जीराबार मसना,धगजीबन,केसरबेड़ा,महुआ टोली सड़क निर्माण के लिए प्रस्तावित स्थल का संयुक्त निरीक्षण किया। महज डेढ़ किलोमीटर लंबी यह प्रस्तावित सड़क इलाके के हजारों ग्रामीणों के लिए ‘लाइफलाइन’ (जीवनरेखा) साबित होगी। ​ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग ओरमांझी और पिठोरिया को जोड़ने वाली मुख्य सड़क से होकर गुजरेगा,जिससे सदमा,कुच्चू,चरदी और कुम्हारिया समेत ओरमांझी व कांके दोनों प्रखंड के कई गांवों को एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग मिलेगा। इसके निर्माण से किसानों,स्कूली छात्र-छात्राओं,मजदूरों तथा मरीजों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। ​ग्रामीणों के अनुसार,इस सड़क के निर्माण की मांग पिछले करीब 12 वर्षों से लगातार उठाई जा रही है। गांव के जागरूक लोगों ने अब संगठित रूप से इस मुद्दे को उठाया है। समाजसेवी बिरसा महतो और बगल साहू के नेतृत्व में ग्रामीणों ने रक्षा राज्य मंत्री व स्थानीय सांसद संजय सेठ तथा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू को भी इस समस्या से अवगत कराया है। राहत की बात यह है कि प्रस्तावित सड़क का अधिकांश हिस्सा सरकारी भूमि पर है,जबकि कुछ भाग वन भूमि में पड़ता है,जिसकी वन विभाग द्वारा मापी भी की जा चुकी है। ​इस डेढ़ किलोमीटर की सड़क के बन जाने से ओरमांझी एवं कांके प्रखंड के आधा दर्जन गांवों की तस्वीर बदल जाएगी। वर्तमान में लोगों को काफी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ​शनिवार को हुई बैठक और निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि इस सड़क के बनने से हजारों लोगों को शिक्षा,स्वास्थ्य,कृषि कार्य और दैनिक आवागमन में अभूतपूर्व सुविधा मिलेगी। इसलिए सरकार और विभाग इसे शीघ्र स्वीकृति देकर कार्य प्रारंभ कराए। मुखिया सुनिल उरांव ने कहा,क्षेत्र का समग्र विकास और सड़क,शिक्षा,स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ग्रामीणों की इस महत्वपूर्ण मांग को संबंधित विभाग एवं बड़े जनप्रतिनिधियों के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा,ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके। इस मौके पर मुख्य रूप से समाजसेवी अर्जुन साहू,दीपक साहू,महेश महतो,शंकर महतो,राजेंद्र महतो,राजेंद्र महली,राजकुमार प्रजापति,तपेश महतो,बसंत महतो,संदीप महतो,अजनी साहू,सोमरा करमाली,ननकू साहू,सोमरा महतो,तुमना महतो,रामचंद्र साहू,कलींदर प्रजापति सहित तीनों गांवों के बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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