रांची। पूर्व उपमुख्यमंत्री व आजसू प्रमुख सुदेश महतो ने कहा है कि झारखंड में महिलाओं की राजनीतिक- सामाजिक भागीदारी सुनिश्चित करवाना पार्टी का लक्ष्य है। इसके लिए पार्टी में प्रदेश से बूथ स्तर तक महिला नेतृत्व खड़ा करने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि आजसू ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी पहल करते हुए पंचायत चुनाव में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया है। लेकिन हेमंत सरकार महिला विरोधी है। सुदेश महतो ने शनिवार को खेलगांव स्थित टाना भगत इनडोर स्टेडियम में पार्टी के सहयोगी संगठन अखिल झारखंड महिला संघ के राज्यस्तरीय अधिवेशन का उद्घाटन किया। अधिवेशन में राज्य के सभी पंचायतों से हजारों महिला प्रतिनिधियों ने भाग लिया। राज्यस्तरीय अधिवेशन सशक्त महिला, समृद्ध महिला, स्वावलंबी महिला” के संकल्प के साथ संपन्न हुआ। वही महतो ने कहा कि सरकार महिलाओं को छलने का काम कर रही है। राज्य में महिला सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। मईया सम्मान के नाम पर चुनावी राजनीति की गई, लेकिन दो वर्ष में 18 वर्ष की हो चुकी महिलाओं का नाम सूची में नहीं जोड़ा जा रहा। राज्य सरकार विगत दो वर्ष में 18 वर्ष की आयु की सभी महिलाओं का नाम जोड़कर उन्हें 60,000 रुपया भुगतान करे, अन्यथा महिलाएं सड़क पर उतरेगीं। महतो ने कहा कि महिला शक्ति को नजरअंदाज कर समाज, राज्य और देश के समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने कहा कि आजसू ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से महिला समूह, सेल्फ हेल्प ग्रुप, संजीवनी और जेएसएलपीएस जैसे माध्यमों को सशक्त किया गया। साथ ही सुदेश महतो के नेतृत्व में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण लागू कर उन्हें सामाजिक और राजनीतिक नेतृत्व में समान अवसर प्रदान करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की गई।
