कोई विदेशी नागरिक खतियान अथवा वंशावली में छेड़छाड़ कर स्वयं को भारतीय नागरिक अथवा किसी परिवार का वंशज दर्शाकर मतदाता सूची में शामिल होने का प्रयास करे तो संबंधित ईआरओ को अवश्य दें सूचना
एक ही माता-पिता की संतानों के जन्म एवं उम्र से संबंधित दस्तावेजों का समेकित रूप से परीक्षण कर तार्किक विसंगतियों का करें निराकरण
Eksandeshlive Desk
रांची: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची में उम्र से संबंधित तार्किक विसंगतियों के मामलों की सुनवाई पूरी गंभीरता एवं सावधानी के साथ सुनिश्चित कराएं। ऐसे मामलों में मतदाता द्वारा उपलब्ध कराए गए जन्म एवं पारिवारिक संबंध से जुड़े दस्तावेजों तथा अन्य निर्धारित अभिलेखों का समुचित परीक्षण करते हुए भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (ईआरओ) के स्तर से नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित कराया जाए।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि उम्र से संबंधित तार्किक विसंगतियों की जांच केवल किसी एक प्रविष्टि अथवा एक दस्तावेज तक सीमित न रखी जाए। यदि एक ही माता-पिता की एक से अधिक संतानें मतदाता सूची में पंजीकृत हैं, तो उनकी जन्मतिथि एवं जन्म से संबंधित दस्तावेजों का एक साथ मिलान किया जाए। माता-पिता एवं संतानों की आयु में तार्किक अंतर सहित परिवार से संबंधित उपलब्ध अभिलेखों का समग्र परीक्षण किया जाए, ताकि किसी त्रुटिपूर्ण विवरण के आधार पर निर्णय न हो तथा वास्तविक पात्र मतदाता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
श्री के. रवि कुमार ने कहा कि सुनवाई के क्रम में मतदाता द्वारा प्रस्तुत खतियान, वंशावली अथवा पारिवारिक संबंध से संबंधित अन्य अभिलेखों का सावधानीपूर्वक परीक्षण किया जाए। यदि किसी मतदाता अथवा स्थानीय नागरिक के संज्ञान में ऐसा कोई मामला आता है, जिसमें किसी व्यक्ति द्वारा खतियान अथवा वंशावली में छेड़छाड़ कर स्वयं को किसी परिवार का वंशज बताकर मतदाता सूची में शामिल होने का प्रयास किया जा रहा हो, तो इसकी जानकारी संबंधित ईआरओ को अवश्य दी जाए। ऐसी शिकायत प्राप्त होने पर उपलब्ध दस्तावेजों एवं तथ्यों की गहन जांच कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि इस प्रकार के शिकायत प्राप्त हो रहें है जिसमें विदेशी नागरिक, भारतीय नागरिक के खतियान अथवा वंशावली में छेड़छाड़ कर स्वयं को भारतीय नागरिक अथवा उस परिवार का वंशज दर्शाते हुए मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने का प्रयास कर रहें है, ऐसे व्यक्ति की सूचना संबंधित ईआरओ को अवश्य दें। मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के उद्देश्य से जानबूझकर गलत अथवा असत्य विवरण, लिखित बयान या घोषणा प्रस्तुत किए जाने के मामलों में उपलब्ध तथ्यों एवं दस्तावेजों की जांच करते हुए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 सहित अन्य संगत विधिक प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी खतियान धारक, परिवार के सदस्य अथवा अन्य व्यक्ति की ऐसे प्रकरण में जानबूझकर संलिप्तता पाई जाती है तथा किसी विदेशी अथवा अन्य अपात्र व्यक्ति को मतदाता सूची में शामिल कराने के उद्देश्य से गलत दस्तावेज, तथ्य, बयान अथवा घोषणा प्रस्तुत करने या कराने में उसकी भूमिका सामने आती है, तो मामले की प्रकृति एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसके विरुद्ध भी लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 तथा अन्य संगत विधिक प्रावधानों के अधीन नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि यदि किसी महिला मतदाता के संबंध में वंशावली अथवा पारिवारिक संबंध का सत्यापन आवश्यक हो, तो उसके पैतृक परिवार एवं वंश से संबंधित जानकारी भी प्राप्त की जाए। उपलब्ध दस्तावेजों एवं पारिवारिक विवरणों का आपस में मिलान करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि सत्यापन निष्पक्ष, तथ्यपरक एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप हो।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि कुछ मामलों में सरकारी योजनाओं के लाभ की पात्रता प्राप्त करने के उद्देश्य से मतदाताओं द्वारा अपनी जन्मतिथि अथवा उम्र से संबंधित विवरण में छेड़ छाड़ किए जाने के भी मामले सामने आए हैं। ऐसे मामलों में ईआरओ केवल मतदाता सूची में दर्ज उम्र अथवा किसी एक प्रस्तुत दस्तावेज के आधार पर निर्णय न लें, बल्कि उपलब्ध जन्म संबंधी दस्तावेजों, पूर्व में दर्ज विवरणों एवं अन्य निर्धारित अभिलेखों का आपस में मिलान कर समुचित परीक्षण करें।
उन्होंने कहा कि यदि मतदाता सूची में दर्ज जन्मतिथि अथवा उम्र और प्रस्तुत दस्तावेजों के बीच असंगति पाई जाती है, तो संबंधित मतदाता को सुनवाई का समुचित अवसर देते हुए तथ्यों एवं दस्तावेजों के आधार पर वास्तविक जन्मतिथि एवं उम्र का सत्यापन किया जाए। इसके उपरांत नियमानुसार कारणयुक्त आदेश (स्पीकिंग ऑर्डर) पारित कर मतदाता सूची में सही विवरण दर्ज किया जाना सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि नोटिस एवं सुनवाई की प्रक्रिया का उद्देश्य किसी पात्र भारतीय नागरिक को अनावश्यक रूप से परेशान करना नहीं, बल्कि मतदाता सूची में उपलब्ध विवरणों की तार्किक विसंगतियों का निराकरण करना है। इसलिए ईआरओ एवं एईआरओ प्रत्येक मामले में संबंधित मतदाता को अपना पक्ष रखने तथा निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध कराने का समुचित अवसर दें। दस्तावेजों एवं तथ्यों की जांच के बाद ही नियमानुसार कारणयुक्त आदेश पारित किया जाए।
श्री के. रवि कुमार ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के माध्यम से तैयार मतदाता सूची एवं उससे संबंधित अभिलेखों को परमानेंट डॉक्यूमेंट के रूप में संरक्षित किया जाना है। इसलिए सुनवाई एवं सत्यापन के दौरान प्राप्त दस्तावेजों तथा दर्ज विवरणों की शुद्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी यह सुनिश्चित कराएं कि किसी प्रकार की तार्किक विसंगति अथवा संदिग्ध पारिवारिक विवरण से संबंधित मामले का समुचित जांच एवं सुनवाई के बिना निष्पादन न किया जाए।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का मूल उद्देश्य शुद्ध एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना है। इसके लिए प्रत्येक मामले में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों तथा निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आश्वस्त किया कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं छूटेगा तथा किसी भी अपात्र अथवा विदेशी नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो इस हेतु सभी स्टेकहोल्डर से सहयोग अपेक्षित है।
