पलामू के महेन्द्र नेपाल में आई बाढ़ में लापता, चिंतित परिजनों ने भारत सरकार से लगाई सकुशल वापसी सुनिश्चित कराने की गुहार

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Eksandeshlive Desk

पलामू: जिले के हैदरनगर प्रखंड के बडंडा बरवाडीह गांव निवासी महेंद्र विश्वकर्मा (50) नेपाल में आई बाढ़ के बाद से लापता हो गए हैं। उनका मोबाइल जहां बंद बता रहा है, वहीं उनका कोई अता पता नहीं चल पा रहा है, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई है। महेंद्र नेपाल के बाणेश्वर हाइड्रो पावर प्लांट के निर्माण कार्य में फैब्रिकेटर के रूप में कार्यरत थे। महेंद्र कई महीनों से इस निर्माणाधीन प्लांट में काम कर रहे थे और प्रतिदिन अपने परिवार से फोन पर बात करते थे।

परिजनों के अनुसार, बाढ़ वाले दिन से ही उनका फोन बंद आने लगा। परिवार ने कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। 290 भारतीयों के लापता होने की खबरों ने परिवार की बेचौनी और बढ़ा दी है। महेंद्र विश्वकर्मा का अंतिम बार अपनी पत्नी कलावती देवी से 25 अगस्त की रात 8.45 बजे बात हुई थी। 26 अगस्त को महेंद्र विश्वकर्मा ने अपनी पत्नी को 8.07 पर कॉल किया था, लेकिन बात नहीं हो पाई थी। महेंद्र के परिजनों ने हाइड्रो पावर प्लांट के अधिकारियों से संपर्क कर जानकारी मांगी। अधिकारियों ने बताया कि प्लांट में काम करने वाले सभी लोग सुरक्षित हैं। हालांकि, महेंद्र से सीधे बात न हो पाने के कारण परिवार को किसी अनहोनी की आशंका सता रही है। परिजनों का कहना है कि यदि वह सुरक्षित हैं, तो उनसे बात क्यों नहीं हो पा रही है। परिवार और गांव के लोग लगातार महेंद्र का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं। गांव में भी इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है।

महेंद्र के परिजनों ने भारत सरकार और संबंधित हाइड्रो पावर कंपनी के अधिकारियों से महेंद्र विश्वकर्मा का जल्द पता लगाकर उनकी सकुशल वापसी सुनिश्चित कराने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने भी स्थानीय प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने और नेपाल प्रशासन और कंपनी से समन्वय स्थापित कर महेंद्र की जानकारी जुटाने की मांग की है। पंचायत के मुखिया सुदर्शन राम ने भी अधिकारियों से संपर्क कर महेंद्र का पता लगाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का आग्रह किया है। इधर, उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने शुक्रवार को बताया कि महेंद्र विश्वकर्मा का मामला प्रशासन के संज्ञान में आया है, सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

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