अशोक अनन्त
हंटरगंज (चतरा) हंटरगंज प्रखंड के ग्राम पंचायत तरवागड़ा अन्तर्गत ग्राम परसिया में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहाँ स्कूल जाने के दौरान दो छोटे बच्चे गणेश कुमार उम्र लगभग 7 वर्ष एवं रवि कुमार उम्र 6 वर्ष जलमग्न रास्ते के गहरे पानी में डूबने लगे। बच्चों को संकट में देख आस-पास मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने प्रशासन से अविलंब सुरक्षित सड़क बनाने की मांग की है।जमीन विवाद के कारण अटका है सड़क निर्माण ग्रामीणों के अनुसार, यह रास्ता पूर्वजों के लंबे समय से उपयोग मे है और परसिया दास टोला में निवास करने वाले लगभग चालीस घरों के लोगों का इसी रास्ते से आवागमन होता रहा है पहले यह जमीन किसी दूसरे भू मालिक का था बाद मे वर्तमान भू मालिक के परिजनों द्वारा खरीदा गया तब से इस सड़क की जमीन का मामला विवादित है,जिससे सड़क का मामला विवादास्पद है।इस संबंध में जमीन मालिक का कहना है कि वे पूर्व मे जनहित में सड़क बनने देने के लिए तैयार थे, लेकिन इसके बदले उन्होंने एक प्रस्ताव रखा था। भू-मालिक के मुताबिक, यदि उन्हें इस जमीन के बदले दूसरी जगह उतनी ही जमीन दे दी जाए, तो वे स्वेच्छा से यहाँ सड़क निर्माण की अनुमति दे देते। वर्तमान इस मामले पर उनका विचार विचारणीय है। मामले की जांच करने पहुंचे अधिकारी, मिला आश्वासन घटना की सूचना मिलते ही स्थिति का जायजा लेने हंटरगंज के अंचल अधिकारी (सीओ)रितिक कुमार और जिला परिषद अध्यक्षा ममता कुमारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित स्थल का निरीक्षण किया और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।जिला परिषद अध्यक्षा का बयान: जिला परिषद अध्यक्षा ममता कुमारी ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा, “इस सड़क को डीएमएफटी (DMFT) मद के तहत प्रस्तावित कर पास कर दिया गया है। फंड की कोई कमी नहीं है। बरसात का मौसम खत्म होते ही इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।”अंचल अधिकारी (CO) की कार्रवाई: सीओ ने जमीन विवाद को सुलझाने का भरोसा देते हुए कहा कि बरसात के ठीक बाद विवादित जमीन की मापी (नापी) कराई जाएगी। उन्होंने कहा, “मैं दोनों पक्षों (भू-मालिकों) को अपने कार्यालय में बुलाकर आपसी सहमति से इस मामले का हल निकालूँगा। तब तक रास्ते से पानी का जलस्तर कम करने और जलजमाव से राहत दिलाने के लिए तत्काल वैकल्पिक उपाय किया जाएगा।”इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठाएगा ताकि भविष्य में मासूम बच्चों और राहगीरों को अपनी जान जोखिम में न डालनी पड़े।
