By Sunil
रांची। मानसिक स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान के क्षेत्र में 101 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पूरी कर चुके रांची इंस्टीट्यूट आॅफ न्यूरो-साइकियाट्री एंड एलाइड साइंसेज (रिनपास) ने शुक्रवार को अपना 101वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। इस वर्ष स्थापना दिवस की थीम ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन रिनपास’ रखी गई थी। बदलते तकनीकी परिदृश्य में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बनाने में एआई की भूमिका पर समारोह के दौरान वैज्ञानिक सत्र में गहन विचार-विमर्श किया गया।मौके पर रिनपास की निदेशक डॉ. जयती सिमलाई ने कहा कि 101 वर्षों की यह यात्रा संस्थान के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य की बदलती जरूरतों के अनुरूप संस्थान को आधुनिक तकनीक और नवाचार को अपनाते हुए आगे बढ़ना होगा। एआई आने वाले समय में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और अनुसंधान में बड़ा बदलाव ला सकता है, लेकिन इसका उपयोग मानवीय संवेदनशीलता, नैतिकता और मरीजों की गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस केवल उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि भविष्य के लिए नई दिशा और नई प्रतिबद्धताओं का अवसर भी है। रिनपास ने पिछले एक शताब्दी से अधिक समय में न सिर्फ झारखंड बल्कि पूरे देश में मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। संस्थान ने चिकित्सा सेवा के साथ-साथ शिक्षा, प्रशिक्षण, शोध और जन-जागरूकता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।समारोह के दौरान 101वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रकाशित स्मारिका का विमोचन किया गया। स्मारिका में संस्थान की ऐतिहासिक यात्रा, शैक्षणिक, चिकित्सीय, अनुसंधान और प्रशासनिक गतिविधियों को समाहित किया गया है।स्थापना दिवस समारोह में बड़ी संख्या में चिकित्सक, शिक्षक, अधिकारी, छात्र-छात्राएं और कर्मचारी उपस्थित थे। सभी ने संस्थान की गौरवशाली विरासत को याद करते हुए भविष्य की चुनौतियों से निपटने और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने का संकल्प लिया।
