मेसरा (रांची): झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में ओरमांझी प्रखंड स्थित चुटुपालू घाटी में अवैध पत्थर खनन और प्रदूषण फैला रही स्टोन क्रशिंग इकाइयों के खिलाफ शनिवार को जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ा चाबुक चलाया। अभियान के दौरान नियमों की अनदेखी कर चलाई जा रही कुल 19 स्टोन क्रशर इकाइयों पर गाज गिरी। इसमें से 11 अवैध स्टोन क्रशरों को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया,जबकि सीटीओ (Consent to Operate) की अवधि समाप्त होने के बावजूद संचालित हो रहे 8 क्रशरों को मौके पर ही सील कर दिया गया। यह संयुक्त कार्रवाई डब्लूपी (पीआईएल) नंबर-2026/2021 (अनुराग कुमार राय बनाम झारखंड सरकार व अन्य) में पारित हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में गठित उच्चस्तरीय समिति द्वारा की गई। खान एवं भूतत्व विभाग के निर्देश पर गठित समिति को खनन पट्टों,लाइसेंस,सीटीई/सीटीओ की वैधता,प्रदूषण मानकों और एसईआईएए की पर्यावरणीय स्वीकृति की जमीनी जांच का जिम्मा सौंपा गया था। जांच और ध्वस्तीकरण के इस बड़े अभियान को अंजाम देने के लिए प्रशासनिक और पुलिस महकमे के उच्चाधिकारी खुद ग्राउंड पर डटे रहे। अभियान की कमान संभाल रहे प्रमुख अधिकारियों में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (एसपी),रांची गौरव गोस्वामी,अपर समाहर्ता (एडीसी),रांची राम नारायण सिंह,जिला खनन पदाधिकारी (डीएमओ),रांची अबु हुसैन,अंचलाधिकारी (सीओ) ओरमांझी,उज्जवल सोरेन,थाना प्रभारी ओरमांझी,एम कुमार,प्रतिनिधि झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (जेएसपीसीबी),रामप्रवेश कुमार,प्रतिनिधि राज्य स्तरीय पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (एसईआईएए),कृति अभिषेक शामिल थे। जिला खनन पदाधिकारी (डीएमओ) अबु हुसैन ने बताया कि स्थल निरीक्षण के दौरान कई इकाइयां बिना किसी वैध कागजात और स्वीकृतियों के संचालित पाई गईं,जिस पर त्वरित कार्रवाई की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली अन्य इकाइयों पर भी आगे सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
