मदद की आस में दो बच्चों के साथ 20 किमी दूर से चलकर भरत प्रसाद के पास पहुंची महिला

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सिमडेगा। बारिश ने ठेठईटांगर प्रखंड के बाघचट्टा पंचायत अंतर्गत चिड़राटोली निवासी अल्मा मिंज से उसका आशियाना छीन लिया है। सिर छिपाने के लिए सुरक्षित जगह नहीं बची तो अल्मा मिंज अपने दो छोटे बच्चों को लेकर मदद की आस में करीब 20 किलोमीटर दूर से खोजते हुए समाजसेवी सह सब्जी व्यापारी भरत प्रसाद के पास पहुंची। मौके पर उन्होंने भरत प्रसाद को अपनी व्यथा सुनाई और मदद की गुहार लगाई। अल्मा ने बताया कि 26 अगस्त को बारिश के कारण उनके घर का एक हिस्सा गिर गया था। वह दो बच्चों के साथ किसी तरह बचे हुए हिस्से में रहकर दिन काट रही थी। लेकिन शुक्रवार को बारिश ने एक और मुसीबत खड़ी कर दी। घर का दूसरा हिस्सा भी भरभराकर गिर गया। इससे घर में रखा धान-चावल, बच्चों के कपड़े और अन्य घरेलू सामान बर्बाद हो गए। अब उनके पास रहने के लिए केवल एक छोटा-सा बरामदा बचा है। दो छोटे बच्चों के साथ वहीं किसी तरह रात-दिन गुजार रही हैं। बरामदा भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। जिससे हर समय किसी अनहोनी का डर बना रहता है। महिला ने भरत प्रसाद को बताया कि घर गिरने के बाद उनके सामने मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार की हालत ऐसी हो गई कि उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आखिर किससे मदद मांगी जाए। इसी बीच पंचायत के उप मुखिया प्रवीण बड़ाइक ने उन्हें समाजसेवी भरत प्रसाद के बारे में जानकारी दी। उन्होंने स्वयं महिला और उसके बच्चों को लेकर सिमडेगा पहुंचाया। महिला की स्थिति जानने के बाद भरत प्रसाद ने तत्काल सहायता उपलब्ध कराई। उन्होंने परिवार को एक बोरा बाबा चावल, प्लास्टिक का तिरपाल, दाल, नमक, तेल तथा बच्चों के लिए बिस्कुट सहित अन्य राहत सामग्री दी। राहत सामग्री मिलने के बाद अल्मा ने कहा कि संकट की इस घड़ी में मिली मदद उनके लिए बड़ी राहत है। उन्होंने भरत प्रसाद के प्रति आभार जताया।
रविवार को महिला के घर पहुंचेंगे भरत प्रसाद, चादरा सहित देंगे जरूरी सामग्री मौके पर समाजसेवी भरत प्रसाद ने महिला को रविवार को उनके घर पहुंचकर आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। भरत प्रसाद ने कहा कि वे रविवार को स्वयं उनके घर पहुंच 16 चादरा, बच्चों के कपड़े, आटा सहित अन्य जरूरी सामग्री लेकर पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में परिवार को यथासंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। मौके पर भरत प्रसाद ने अल्मा से स्वरोजगार से जुड़ने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि यदि वह बाजार में कोई छोटा व्यापार शुरू करना चाहती हैं तो उसके लिए आवश्यक पूंजी उपलब्ध कराने में वे सहयोग करेंगे। हालांकि अपनी मौजूदा परिस्थितियों और मजबूरियों का हवाला देते हुए महिला ने फिलहाल स्वरोजगार शुरू करने में असमर्थता जताई।

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