Eksandeshlive Desk
रामगढ़: मां का साया सिर से उठ जाना जीवन का ऐसा दुख है, जिसे शब्दों में बयां करना आसान नहीं। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी मां रूपी सोरेन के निधन के बाद सोशल मीडिया पर भावनाएं व्यक्त करते हुए मां की ममता, आशीर्वाद और उनके प्रति अपनी श्रद्धा को शब्दों में पिरोया। उनके संदेश में मां के प्रति सम्मान के साथ सबके कल्याण की कामना भी झलकती है।
“मां सबकी रक्षा करे, सबका कल्याण करें”: इन शब्दों में केवल एक बेटे की भावना ही नहीं, बल्कि हर मां के प्रति श्रद्धा और समस्त समाज के सुख-शांति की कामना भी समाहित है। मां के निधन के गहरे दुख के बीच यह प्रार्थना उनके प्रति अटूट विश्वास और व्यापक मानवीय संवेदना का भाव प्रस्तुत करती है।
मां की ममता और आशीर्वाद की याद: मां जीवन की वह शक्ति होती है, जिसके स्नेह और आशीर्वाद से इंसान मुश्किल परिस्थितियों में भी हिम्मत जुटाता है। मां के जाने के बाद उनकी यादें, सीख और संस्कार ही जीवन की अमूल्य पूंजी बनकर रह जाते हैं। मुख्यमंत्री के संदेश के शब्द भी इसी भाव को सामने रखते हैं।
एक प्रार्थना, सबके कल्याण की कामना: रूपी सोरेन के निधन से जुड़े इस भावुक संदेश में मां के प्रति श्रद्धा के साथ सबकी रक्षा और कल्याण की कामना प्रमुखता से उभरती है। संदेश के ये शब्द मां के स्नेह और आशीर्वाद की उस भावना को व्यक्त करते हैं, जो परिवार की सीमाओं से आगे बढ़कर सबके सुख और शांति की प्रार्थना बन जाती है।
मुख्यमंत्री ने अपनी मां की स्मृति में पारंपरिक रीति-रिवाजों का किया निर्वहन: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रविवार को पैतृक गांव नेमरा में अपनी दिवंगत माता रूपी सोरेन की स्मृति में पूरी श्रद्धा और सादगी पूर्वक सामाजिक एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन किया। मुख्यमंत्री ने परंपरा के अनुरूप अपनी माता की आत्मा की शांति के लिए दातून, पानी एवं भोजन परोसने की रस्म पूरी की तथा नम आंखों से माता को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री के साथ उनके परिवार के सदस्य, सगे-संबंधी और नेमरा के ग्रामीण मौजूद रहे।
