वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी20 में मिली हार के बाद बोले संजू सैमसन- तिलक का विकेट निर्णायक मोड़ रहा

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शाई होप के शानदार शतक और कीमो पॉल के पांच विकेट की बदौलत वेस्टइंडीज ने भारत को 24 रन से हराया

Eksandeshlive Desk

हैदराबाद: भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारत की 24 रन की हार के लिए तिलक वर्मा के विकेट को निर्णायक मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि पांच विकेट गंवाने के बावजूद तिलक वर्मा और नितीश कुमार रेड्डी की साझेदारी ने भारत को लक्ष्य का पीछा करने की मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था। बुधवार को हैदराबाद में खेले गए मुकाबले में शाई होप के शानदार शतक और कीमो पॉल के पांच विकेट की बदौलत वेस्टइंडीज ने भारत को 24 रन से हराया। पांच मैचों की श्रृंखला अब 2-2 से बराबर हो गई है। निर्णायक मुकाबला 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा।

तिलक के आउट होने से बदला मैच का रुख: 248 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 12वें ओवर में 130 रन पर पांच विकेट गंवा चुकी थी। इसके बाद तिलक वर्मा और नितीश कुमार रेड्डी ने शानदार साझेदारी कर भारत की उम्मीदें जगा दीं। दोनों ने तेजी से रन बनाते हुए समीकरण 19 गेंदों में 48 रन तक पहुंचा दिया। हालांकि, रोमारियो शेफर्ड ने तिलक को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ दिया, जो मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। सैमसन ने मैच के बाद पत्रकारों से कहा, “तिलक का आउट होना मैच का निर्णायक मोड़ था। हम अच्छी स्थिति में थे और हर ओवर में 10-12 रन की दर से अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे। दबाव की स्थिति में रेड्डी और तिलक बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे। मुझे लगता है कि उस समय तक हम लक्ष्य का पीछा करने की स्थिति में थे।” उन्होंने कहा, “पांच विकेट गंवाने के बाद भी इस तरह नियंत्रण बनाए रखना बहुत अच्छी बात है। दो युवा क्रिकेटरों ने दबाव का सामना किया और वेस्टइंडीज के गेंदबाजी आक्रमण पर जवाबी हमला किया।”

अपनी पारी से खुश, लेकिन हार से निराश: सैमसन ने भारत की पारी के दौरान 23 गेंदों में 56 रन बनाकर लक्ष्य का पीछा करने की मजबूत नींव रखी। हालांकि, उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत प्रदर्शन अच्छा रहने के बावजूद टीम की हार से वह निराश हैं।उन्होंने कहा, “जब आप हारने वाली टीम में होते हैं, तो आप जो भी करते हैं, उसका एहसास बिल्कुल अलग होता है। इस समय मैं काफी निराश हूं। मैं निश्चित रूप से जीतने वाली टीम का हिस्सा बनना चाहता था। मुझे मैदान पर बल्लेबाजी करने में बहुत मजा आया।” सैमसन ने कहा, “जब आप इतने बड़े लक्ष्य का पीछा कर रहे होते हैं, तो ज्यादा सोचने का समय नहीं होता। आपको अपनी सहज प्रवृत्ति और बड़े शॉट खेलने की क्षमता पर भरोसा करना होता है। मैंने भी यही किया। मुझे अपनी पारी का आनंद आया, लेकिन मैं चाहता था कि हम मैच जीतें।” हैदराबाद में मिली जीत के साथ वेस्टइंडीज ने पांच मैचों की टी20 श्रृंखला 2-2 से बराबर कर दी है। अब दोनों टीमों की नजरें 17 अक्टूबर को बेंगलुरु में होने वाले पांचवें और निर्णायक मुकाबले पर होंगी।

पांच मैचों की सीरीज 2-2 से बराबर: कप्तान शाई होप के तूफानी शतक और कीमो पॉल की घातक गेंदबाजी के दम पर वेस्टइंडीज ने चौथे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारत को 24 रन से हरा दिया। राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में बुधवार को खेले गए मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए तीन विकेट पर 247 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम तेज शुरुआत के बावजूद 19.4 ओवर में 223 रन पर सिमट गई। इस जीत के साथ पांच मैचों की सीरीज 2-2 से बराबर हो गई है। 248 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने आक्रामक शुरुआत की। टीम ने महज तीन ओवर में 50 रन पूरे कर टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना सबसे तेज अर्धशतक दर्ज किया। संजू सैमसन ने आते ही कैरेबियाई गेंदबाजों पर हमला बोल दिया। उन्होंने 23 गेंदों में छह चौकों और चार छक्कों की मदद से 56 रन बनाए। इस दौरान सैमसन ने टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 100 छक्के भी पूरे किए। हालांकि, सैमसन के आउट होने के बाद भारत की रन गति प्रभावित हुई। ईशान किशन भी छक्का लगाने के बाद जल्द पवेलियन लौट गए। कप्तान श्रेयस अय्यर ने 11 गेंदों में 16 रन बनाए, लेकिन वह बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। अभिषेक शर्मा ने 24 गेंदों में 29 रन बनाए। उनके आउट होने के बाद नमन धीर अगली ही गेंद पर बिना खाता खोले लौट गए। दोनों विकेट गुडाकेश मोती ने लिए।

शरफेन रदरफोर्ड ने भी आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की: लगातार विकेट गिरने से भारतीय टीम दबाव में आ गई। 130 रन तक पांच विकेट गंवाने के बाद तिलक वर्मा और नितीश कुमार रेड्डी ने पारी संभालने की कोशिश की। दोनों ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए भारत की उम्मीदें बनाए रखीं। तिलक ने 25 गेंदों में दो चौकों और तीन छक्कों की मदद से 43 रन बनाए, जबकि नितीश ने 20 गेंदों में एक चौके और चार छक्कों के सहारे 41 रन जोड़े। लेकिन अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाने का दबाव बढ़ता गया। तिलक के आउट होने के बाद भारत की जीत की उम्मीदें लगभग समाप्त हो गईं। पूरी टीम 223 रन पर सिमट गई। वेस्टइंडीज के लिए कीमो पॉल ने 41 रन देकर पांच विकेट झटके और भारतीय बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस कर दिया। इससे पहले वेस्टइंडीज ने कप्तान शाई होप की शानदार बल्लेबाजी के दम पर विशाल स्कोर खड़ा किया। होप ने 50 गेंदों में नाबाद 102 रन बनाए। उनकी पारी में चार चौके और नौ छक्के शामिल रहे। शिमरन हेटमायर ने 12 गेंदों में 33 रन बनाकर तेज शुरुआत को मजबूती दी, जबकि रोवमैन पॉवेल ने 17 गेंदों में 24 रन बनाए। शरफेन रदरफोर्ड ने भी आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 26 गेंदों में नाबाद 49 रन बनाए, जिसमें चार चौके और तीन छक्के शामिल थे। होप और रदरफोर्ड ने पारी के अंतिम चरण में रन गति बनाए रखी और वेस्टइंडीज को तीन विकेट पर 247 रन तक पहुंचा दिया।

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