रिम्स में सीपीआर प्रशिक्षण कार्यशाला का हुआ आयोजन,लोगों को मिला जीवनरक्षक प्रशिक्षण

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रांची : विश्व एनेस्थीसिया दिवस के अवसर पर रिम्स के एनेस्थीसियोलॉजी विभाग की ओर से पुराने कैजुअल्टी के सामने आम नागरिकों के लिए कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन प्रशिक्षण कार्यशाला का शुक्रवार को आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य आम लोगों को हृदय गति रुकने जैसी आपातकालीन स्थिति में समय पर प्राथमिक जीवनरक्षक सहायता प्रदान करने के प्रति जागरूक व प्रशिक्षित करना था।
कार्यशाला के दौरान 100 से अधिक आम नागरिकों को सीपीआर देने की प्रक्रिया के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि हृदय गति रुकने की स्थिति में तत्काल सीपीआर देना अत्यंत महत्वपूर्ण है और समय पर दी गई जीवनरक्षक सहायता किसी व्यक्ति की जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है। कार्यक्रम में रिम्स के चिकित्सा अधीक्षक, एनेस्थीसियोलॉजी विभागाध्यक्ष तथा विभाग के अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे। चिकित्सकों ने आम नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों में घबराने के बजाय त्वरित एवं सही कदम उठाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर एनेस्थीसियोलॉजी विभाग ने जनसामान्य के बीच जीवनरक्षक तकनीकों के प्रसार और आपातकालीन चिकित्सा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस प्रकार की पहल से आम नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों से निपटने के लिए सक्षम बनाने तथा समाज में जीवनरक्षक सहायता की संस्कृति विकसित करने में मदद मिलेगी।

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