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रांची: सरला बिरला पब्लिक स्कूल, राँची में दिव्य शक्ति-नारी शक्ति का उत्सव के अंतर्गत आयोजित सप्ताहव्यापी कार्यक्रम ने भक्ति, संस्कृति और कलात्मक अभिव्यक्ति का मनोहारी संगम प्रस्तुत किया। माँ दुर्गा की असीम शक्ति, ज्ञान, साहस और करुणा को समर्पित इस उत्सव के माध्यम से आदिशक्ति के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के साथ-साथ प्रतिभागियों को भारत की समृद्ध आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया गया। दुर्गा पूजा के महत्त्व पर आधारित प्रस्तुति, भक्तिमय गीतों और नृत्य ने पूरे वातावरण को श्रद्धा एवं उल्लास से परिपूर्ण कर दिया। नवदुर्गा: देवी के नौ दिव्य स्वरूप विषय पर आयोजित वेशभूषा प्रस्तुति में देवी के विभिन्न रूपों और उनके दिव्य गुणों को प्रभावशाली ढंग से दशार्या गया। वहीं, पारंपरिक धुनुची नृत्य ने कार्यक्रम में बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा की मनोहारी झलक प्रस्तुत की।
उत्सव के उल्लास को और बढ़ाते हुए प्रतिभागियों एवं शिक्षकों ने पूरे उत्साह के साथ डांडिया में भाग लिया। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों से सजे प्रतिभागियों ने आनंद और उमंग के साथ इस उत्सव का भरपूर आनंद लिया। इस आयोजन ने उन्हें भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, त्योहारों के महत्त्व तथा साहस, करुणा, एकता और सम्मान जैसे जीवन-मूल्यों को समझने का अवसर भी प्रदान किया।
सभा को संबोधित करते हुए विद्यालय की प्राचार्य मनीषा शर्मा ने कहा कि माँ दुर्गा के आदर्श हमें नारी की गरिमा बनाए रखने, उसकी क्षमताओं को पहचानने तथा जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उसके योगदान का सम्मान करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन प्रतिभागियों में सृजनात्मकता, संवेदनशीलता तथा भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सप्ताहभर चले इस उत्सव ने भक्ति, ज्ञान और आनंद का सुंदर समन्वय प्रस्तुत करते हुए सत्य, साहस और करुणा जैसे शाश्वत मूल्यों को सुदृढ़ किया। यह आयोजन सरला बिरला पब्लिक स्कूल की समग्र शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा, जिसका उद्देश्य सांस्कृतिक रूप से जागरूक, आत्मविश्वासी और जीवन-मूल्यों से परिपूर्ण व्यक्तित्वों का निर्माण करना है।
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