नैसकॉम-कैट समझौता एमएसएमई के डिजिटल विकास के लिए अहम कदम: जितिन प्रसाद

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देश के व्यापारियों के डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में अहम पहल

Eksandeshlive Desk

नई दिल्ली: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने नैसकॉम और कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) को खुदरा व्यापारियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के डिजिटल सशक्तिकरण और विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण और सामयिक कदम बताया है।जितिन प्रसाद ने नई दिल्ली में आयोजित कैट के ‘ट्रेडर्स और एमएसएमई के लिए टेक कनेक्ट: डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में तेजी लाना’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री ने तेजी से बदलते वाणिज्यक परिदृश्य में प्रतीस्पर्धी बने रहने के लिए व्यवसायों द्वारा आधुनिक तकनीक को अपनाने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया।

जितिन प्रसाद ने व्यापारियों के हित में कैट द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह समझौता देश के छोटे व्यापारियों और एमएसएमई क्षेत्र के लिए परिवर्तनकारी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि आज के समय में डिजिटल तकनीकों को अपनाना केवल विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस पहल से छोटे व्यापारी तकनीक का प्रभावी उपयोग कर अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकेंगे, नई बाजार संभावनाओं तक पहुँच बनाएंगे तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेंगे। प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने अभियानों एवं विभिन्न संबोधनों में निरंतर डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, नवाचार तथा तकनीक आधारित विकास पर विशेष बल दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के इसी विजन को आगे बढ़ाते हुए यह पहल व्यापारियों को विशेष रूप से तीन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सक्षम बनाएगी जिससे दैनिक व्यापारिक गतिविधियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टूल्स का व्यावहारिक उपयोग, साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव तथा डिजिटल मार्केटिंग एवं ऑनलाइन व्यापार विस्तार की बड़े रास्ते खुलेंगे।

इस अवसर पर कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि बदलते समय के साथ व्यापारियों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म को अपनाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि आज का उपभोक्ता तेजी से डिजिटल माध्यमों की ओर बढ़ रहा है और यदि व्यापारी समय रहते नई तकनीकों को नहीं अपनाएंगे तो वे प्रतिस्पर्धा में पीछे रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल अवसरों के साथ-साथ साइबर अपराधों और ऑनलाइन धोखाधड़ी के खतरे भी बढ़े हैं। इसलिए व्यापारियों को तकनीक अपनाने के साथ-साथ डिजिटल सुरक्षा के प्रति भी पूरी तरह जागरूक होना होगा। खंडेलवाल ने कहा कि कैट और नैसकॉम की यह संयुक्त पहल देशभर के व्यापारियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाएगी, उनके व्यापार को नई दिशा देगी तथा उन्हें डिजिटल अर्थव्यवस्था का सशक्त भागीदार बनाएगी। उल्लेखनीय है कि देश के व्यापारिक समुदाय को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए कैट और नैसकॉम के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। इस एमओयू से देशभर के व्यापारियों को एआई, साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल मार्केटिंग का प्रशिक्षण मिलेगा।

नैसकॉम के अध्यक्ष राजेश नांबियार ने कहा कि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की वास्तविक शक्ति तभी बढ़ेगी जब देश का विशाल व्यापारिक समुदाय तकनीक को आत्मसात करेगा। उन्होंने कहा कि नैसकॉम इस साझेदारी के माध्यम से व्यापारियों को विश्वस्तरीय डिजिटल कौशल, एआई आधारित समाधान, साइबर सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण तथा आधुनिक डिजिटल व्यवसाय मॉडल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि तकनीक का उद्देश्य केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं है बल्कि छोटे व्यापारियों को अधिक प्रतिस्पर्धी, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना भी है। कैट ने कहा कि नई दिल्ली में आयोजित कैट के ‘टेक कनेक्ट’ कार्यक्रम के दौरान इस समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए, जिसकी सराहना केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने भी की है। इस पहल का उद्देश्य देशभर के करोड़ों व्यापारियों एवं एमएसएमई उद्यमियों को आधुनिक डिजिटल तकनीकों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), साइबर सुरक्षा तथा डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में प्रशिक्षित कर उन्हें भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करना है। कैट ने कहा कि इस समझौते से आने वाले समय में लाखों व्यापारी डिजिटल कौशल प्राप्त कर अपने व्यवसाय को नई गति देंगे। यह पहल प्रधानमंत्री मोदी के डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, विकसित भारत 2047 तथा मेक इन इंडिया के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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