BY SUNIL
रांची: न्याय तक आम लोगों की पहुंच सुनिश्चित करने, विधिक जागरूकता को बढ़ावा देने तथा समाज के वंचित एवं कमजोर वर्गों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में सरला बिरला विश्वविद्यालय, रांची ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। विश्वविद्यालय के विधि विभाग, विधि एवं विधिक अध्ययन संकाय द्वारा स्थापित विधिक सहायता क्लिनिक (लीगल एड क्लिनिक) का उद्घाटन मंगलवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने वर्चुअल माध्यम से किया। यह उद्घाटन झारखंड के देवघर स्थित सिविल कोर्ट में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के विधिक सेवा शिविर मॉड्यूल के अंतर्गत आयोजित सशक्तीकरण शिविर के दौरान किया गया। इस अवसर पर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति चंद्रशेखर न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश व झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद तथा झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति रोंगन मुखोपाध्याय विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त झारखंड उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों व गणमान्य व्यक्तियों की भी उपस्थिति रही। एसबीयू परिसर में आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के माननीय महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक, माननीय कुलपति प्रो सी जगनाथन, कुलसचिव प्रो एस बी दंडीन समेत विवि के अन्यान्य अधिकारीगण, विधि एवं विधिक अध्ययन संकाय के शिक्षकगण, रांची के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अनिल कुमार मिश्रा, रांची के अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्री रवि नारायण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रांची के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा विधि विभाग के शिक्षकगण उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण विनियम, 2011 के अनुरूप स्थापित यह विधिक सहायता क्लिनिक विद्यार्थियों की सैद्धांतिक शिक्षा और व्यावहारिक कानूनी अनुभव के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करेगा। इसके माध्यम से विधि के विद्यार्थियों को विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में कानूनी सहायता, विधिक परामर्श, वकालत, विधिक जागरूकता एवं सामुदायिक सेवा से जुड़ा व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा। साथ ही विद्यार्थियों में व्यावसायिक नैतिकता, संवैधानिक मूल्यों तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने पर विशेष बल दिया जाएगा। इस क्लिनिक का प्रमुख उद्देश्य समाज के वंचित, कमजोर एवं हाशिए पर रहने वाले वर्गों तक नि:शुल्क विधिक जानकारी एवं सहायता पहुंचाना है, ताकि आर्थिक एवं सामाजिक कठिनाइयों के कारण कोई भी व्यक्ति न्याय प्राप्त करने के अवसर से वंचित न रहे। इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रांची के सहयोग से आसपास के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विधिक जागरूकता कार्यक्रम, सामुदायिक संपर्क अभियान तथा विभिन्न कानूनों के अंतर्गत नागरिकों को प्राप्त अधिकारों एवं कानूनी उपायों की जानकारी उपलब्ध कराने संबंधी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
इस महत्वपूर्ण पहल को सफल बनाने में झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रांची, न्यायिक समुदाय तथा विश्वविद्यालय प्रशासन का सराहनीय सहयोग रहा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विधि विभाग ने भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय एवं झारखंड उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीशों, झालसा, डीएलएसए रांची तथा विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
सरला बिरला विश्वविद्यालय के माननीय प्रतिकुलाधिपति श्री बिजय कुमार दलान एवं माननीय राज्यसभा सांसद सह निदेशक, प्लानिंग एंड डेवलपमेंट डॉ प्रदीप कुमार वर्मा ने इस अवसर पर विवि परिवार को शुभकामना संदेश देते हुए इस प्रयास को शिक्षा को समाज से जोड़ने तथा न्याय को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में सार्थक कदम करार दिया।
