बीआईटी मेसरा में झारखंडी छात्रों का 50% कोटा खत्म होने पर फूटा गुस्सा: भाजयुमो ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका

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Reporting by Mustaffa

मेसरा (राँची): बीआईटी मेसरा में झारखंड के स्थानीय विद्यार्थियों के लिए आरक्षित 50 प्रतिशत होम स्टेट कोटा को पूरी तरह समाप्त किए जाने के विरोध में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस फैसले के विरोध में मंगलवार को भाजयुमो मेसरा मंडल के कार्यकर्ताओं ने बीआईटी मेसरा इंजीनियरिंग कॉलेज गेट पर उग्र प्रदर्शन किया और राज्य के मुख्यमंत्री व उच्च शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने किया। विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से पश्चिमी जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह,जिला मंत्री संजीत सिंह,प्रदेश एससी मोर्चा उपाध्यक्ष कमलेश राम,युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष रंजन ठाकुर,विक्रांत तिवारी,मंडल अध्यक्ष महानंद महतो,युवा मोर्चा अध्यक्ष शिवलाल महतो,पूर्व मंडल अध्यक्ष राजा महतो,मनन जैन,राहुल चौबे और नवीन माधव सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय छात्र उपस्थित थे। ​क्या है पूरा मामला और क्यों हो रहा है विरोध ? बीआईटी मेसरा कैंपस में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से अब 100% सीटों पर केवल ऑल इंडिया कोटे के तहत ही नामांकन लिया जाएगा। इससे पहले तक झारखंड सरकार के साथ हुए एमओयू के तहत बीआईटी मेसरा में बीटेक की लगभग 650 सीटें होम स्टेट कोटा के रूप में झारखंड के छात्रों के लिए सुरक्षित रहती थीं,जो अब पूरी तरह खत्म हो गई हैं। इस फैसले से झारखंड के बीसी-1 और बीसी-2 कैटेगरी के छात्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र के उन विद्यार्थियों को सबसे बड़ा झटका लगा है,जो कम रैंक होने के बावजूद इस प्रतिष्ठित संस्थान में पढ़ने का सपना देखते थे। अब उन्हें देशभर के छात्रों के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा से गुजरना होगा। संस्थान प्रबंधन के अनुसार,झारखंड सरकार के साथ हुआ एमओयू दो साल पहले ही समाप्त हो चुका था,जिसके बाद यह निर्णय लिया गया है। ​पुतला दहन के दौरान भाजयुमो नेताओं ने राज्य सरकार पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सरकार की लापरवाही के कारण एमओयू समय पर रिन्यू नहीं हो सका,जिसका खामियाजा झारखंड के स्थानीय छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। ​दूसरी ओर,इस चौतरफा विरोध को देखते हुए राज्य के शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने बयान जारी कर कहा है,हमें बीआईटी मेसरा का पत्र मिला है कि वे झारखंड का कोटा समाप्त कर रहे हैं। चूंकि संस्थान झारखंड में है और उसने सरकार से रियायती दर पर जमीन ली है,इसलिए उन्हें एसटी,एससी,ओबीसी व ईडब्ल्यूएस को दिए जा रहे 60% आरक्षण का पालन करना होगा। हम इस मामले की कानूनी समीक्षा कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर कानून का रास्ता अख्तियार करेंगे।

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