मुख्य सचिव अनु गर्ग ने एसआरसी नियंत्रण कक्ष में की समीक्षा, जरूरत पड़ने पर एयरलिफ्टिंग की तैयारी
Eksandeshlive Desk
भुवनेश्वर: चक्रवात ‘अर्णब’ के प्रभाव से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण ओडिशा के गंजाम और गजपति जिलों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। दोनों जिलों में करीब 62,500 लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने गुरुवार सुबह विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) कार्यालय स्थित नियंत्रण कक्ष में स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने प्रभावित लोगों की सुरक्षा, राहत एवं बचाव कार्यों और बाढ़ से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल और गंजाम के जिलाधिकारी वी. कीर्तिभासन से बातचीत कर दोनों जिलों में बारिश और बाढ़ से उत्पन्न स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने चक्रवात से पहले की गई तैयारियों और लगातार बारिश के कारण उत्पन्न बाढ़ से निपटने के उपायों की समीक्षा की। बैठक के बाद उन्होंने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी के साथ भी राहत एवं बचाव कार्यों पर चर्चा की।
राहत एवं बचाव के लिए टीमें तैनात: गंजाम और गजपति में 62,500 लोग प्रभावितप्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, गंजाम जिले के 22 ब्लॉकों की 208 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत 299 गांव तथा गजपति जिले के सात ब्लॉकों की 110 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत 711 गांव बाढ़ और भारी बारिश से अधिक प्रभावित हुए हैं। गंजाम में लगभग 42,500 और गजपति में 20,000 लोग प्रभावित हुए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से गंजाम जिले में 11,882 तथा गजपति जिले में 17,441 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर बाढ़ एवं चक्रवात आश्रय स्थलों में रखा गया है। गंजाम के 70 गांवों में 2,328 लोग जलभराव और बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में तेज जलप्रवाह के कारण जहां राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओड्राफ) की टीमों का पहुंचना संभव नहीं हो पा रहा है, वहां लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए एयरलिफ्टिंग की संभावना पर विचार किया गया है। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों से ऐसे क्षेत्रों की सूची तैयार करने को कहा है। जरूरत पड़ने पर भारतीय तटरक्षक बल के विशेष हेलीकॉप्टरों की सहायता लेने के लिए संबंधित उच्चाधिकारियों से भी बातचीत की गई है। प्रभावित इलाकों में लोगों को पका हुआ भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और आवश्यकता के अनुसार कदम उठा रहा है। गंजाम जिले में ओड्राफ की 27, एनडीआरएफ की तीन और अग्निशमन सेवा विभाग की 24 टीमें तैनात की गई हैं। वहीं, गजपति जिले में ओड्राफ की 12, एनडीआरएफ की एक और अग्निशमन सेवा विभाग की 12 टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। इसके अतिरिक्त, गंजाम जिले की 550 और गजपति जिले की 420 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन का जोर प्रभावित लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी पर है।
बाढ़ के कारण रेल यातायात प्रभावित: गंजाम जिले के चिकिटी और पात्रपुर ब्लॉकों में भारी बारिश के कारण बाघलाटी जलाशय तथा बाहुदा नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है। इसके परिणामस्वरूप आंध्र प्रदेश के इच्छापुरम क्षेत्र में रेल यातायात प्रभावित हुआ है। चक्रवात ‘अर्णब’ की आशंका और भारतीय मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए जलाशय की जलधारण क्षमता नियंत्रित रखने के लिए पहले ही पानी छोड़ा गया था। 27 अक्टूबर की शाम से जलाशय के ऊपरी हिस्से में भारी बारिश शुरू हुई। इसके कारण 28 अक्टूबर को सुबह 11 बजे तक जलप्रवाह बढ़कर 550 घनमीटर प्रति सेकंड हो गया, जिसके बाद जलाशय के चार गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। 28 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से शाम सात बजे के बीच पात्रपुर ब्लॉक में 546 मिलीमीटर और चिकिटी ब्लॉक में 289 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण बाहुदा नदी में जलप्रवाह बढ़ गया और निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। इच्छापुरम और जटापुड़ी रेलवे स्टेशनों के बीच डांगुएड़ा के निकट रेलवे पुल संख्या 1052 पर जलस्तर असामान्य रूप से बढ़ने की सूचना मिली। इसके कारण ओडिशा के गंजाम और आंध्र प्रदेश की ओर कुछ ट्रेनें रुक गईं। स्थिति को देखते हुए गंजाम और श्रीकाकुलम जिला प्रशासन तथा पूर्व तट रेलवे के विशाखापत्तनम और भुवनेश्वर स्थित अधिकारियों के बीच लगातार समन्वय किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने संबंधित रेलवे अधिकारियों से बातचीत कर गंजाम जिलाधिकारी को आवश्यक कदम उठाने तथा प्रभावित और फंसे हुए यात्रियों को समय पर जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री कर रहे हैं स्थिति की निगरानी: राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी चक्रवात के बाद उत्पन्न बाढ़ की स्थिति, राहत, पुनर्वास और बहाली कार्यों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। समीक्षा बैठक में जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। राज्य सरकार ने चक्रवात के बाद की स्थिति पर निरंतर नजर रखने, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने और प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। प्रशासन का उद्देश्य राहत एवं बचाव कार्यों को तेज कर आपदा के प्रभाव को यथासंभव कम करना है।
