धरती आबा बिरसा मुंडा के शहादत दिवस पर फूलो-झानो पुस्तकालय-सह-अध्ययन केंद्र का शुभारंभ

Ek Sandesh Live

SUNIL

साहिबगंज/बरहरवा: धरती आबा बिरसा मुंडा के शहादत दिवस के पावन अवसर पर बरहरवा प्रखंड के ढाटापाड़ा गांव में आदिवासी समाज की वीरांगना बहनों फूलो-झानो की स्मृति में “आदिवासी वीरांगना फूलो-झानो पुस्तकालय-सह-अध्ययन केंद्र” का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह पहल ग्रामीण एवं वंचित समुदाय के बच्चों और युवाओं को शिक्षा तथा ज्ञान के अवसरों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पुस्तकालय का उद्घाटन बरहरवा के प्रखंड विकास पदाधिकारी सन्नी कुमार दास, लाइब्रेरियन संजय कच्छप तथा अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम है और पुस्तकालय जैसी संस्थाएं समाज में जागरूकता एवं सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि यह अध्ययन केंद्र क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराएगा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए भी उपयोगी साबित होगा। पुस्तकालय का संचालन एवं देखरेख कार्तिक उरांव यूथ क्लब, ढाटापाड़ा द्वारा सामुदायिक सहयोग और सहभागिता के आधार पर किया जाएगा।

कार्यक्रम में पुस्तकालय को अधिक समृद्ध और संसाधनयुक्त बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों से सहयोग की अपील की गई। इसके लिए नई एवं पुरानी उपयोगी पुस्तकें, प्रतियोगी परीक्षाओं की अध्ययन सामग्री, साहित्य, जीवनी, बच्चों की ज्ञानवर्धक पुस्तकें, कंप्यूटर, लैपटॉप, टैबलेट, प्रोजेक्टर, प्रिंटर, स्कैनर, फर्नीचर तथा अन्य शैक्षणिक सामग्री की आवश्यकता बताई गई। उपस्थित लोगों से आह्वान किया गया कि वे अपनी सामर्थ्य अनुसार योगदान देकर क्षेत्र के बच्चों और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य निर्माण में सहभागी बनें। वक्ताओं ने कहा कि “एक पुस्तक, एक कुर्सी अथवा एक पुराना कंप्यूटर भी किसी बच्चे के जीवन में नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है।”

Spread the love