Eksandeshlive Desk
रांची : एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट डूरंड कप के सफल और सुरक्षित आयोजन को लेकर राजधानी रांची में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मोरहाबादी स्थित फुटबॉल स्टेडियम और उसके आसपास दो हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी संख्या में महिला पुलिस बल को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की भी प्रतिनियुक्ति की गई है। पुलिस के अनुसार, रांची में शुरू हो रहे 135वें डूरंड कप-2026 के उद्घाटन समारोह और पहले मुकाबले से पहले स्टेडियम के सभी प्रवेश द्वारों पर दर्शकों की फ्रिस्किंग (तलाशी) और मेटल डिटेक्टर के माध्यम से अनिवार्य सुरक्षा जांच की जाएगी। पूरे स्टेडियम परिसर, प्रवेश एवं निकास मार्गों तथा आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी रखी जाएगी। खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों के होटल से लेकर स्टेडियम तक सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसके लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, दंडाधिकारी और क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) तैनात रहेंगी।
डूरंड कप के सुरक्षित, सुव्यवस्थित और गरिमापूर्ण आयोजन को लेकर रविवार को मोरहाबादी स्थित फुटबॉल स्टेडियम में प्रतिनियुक्त पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग आयोजित की गई। उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों और सुरक्षा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि डूरंड कप देश के सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंटों में से एक है और रांची को इसकी मेजबानी का अवसर मिला है। ऐसे में खिलाड़ियों, दर्शकों और बाहर से आने वाले आगंतुकों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर अनुभव उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन गंभीरता, संवेदनशीलता और पूर्ण जवाबदेही के साथ करें। उपायुक्त ने अधिकारियों को अपने-अपने ड्यूटी स्थल पर निर्धारित समय से पहले पहुंचकर सभी व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया। साथ ही किसी भी प्रकार की समस्या या आकस्मिक स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल कंट्रोल रूम और वरीय अधिकारियों को सूचना देकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लिया जा सके।उपायुक्त ने स्टेडियम परिसर, प्रवेश एवं निकास द्वार, वीआईपी गैलरी, खिलाड़ियों के आवागमन मार्ग, पार्किंग स्थल और दर्शक दीर्घा में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने भीड़ प्रबंधन, बैरिकेडिंग, पार्किंग व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने को भी कहा। डीसी ने यह भी निर्देश दिया कि सभी अधिकारी आम दर्शकों के साथ विनम्र और सहयोगात्मक व्यवहार रखें। किसी भी अफवाह, विवाद या अप्रिय स्थिति को प्रारंभिक स्तर पर ही नियंत्रित करने का प्रयास किया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर तत्काल कार्रवाई की जाए।
वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने इस मौके पर कहा कि मैच के दौरान सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों को पूरी सतर्कता, अनुशासन और पेशेवर दक्षता के साथ ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी अधिकारी बिना अनुमति अपना ड्यूटी स्थल नहीं छोड़े और प्रत्येक प्रतिनियुक्त कर्मी अपने निर्धारित स्थान पर लगातार मौजूद रहे। एसएसपी ने कहा कि स्टेडियम में प्रवेश करने वाले प्रत्येक दर्शक की अनिवार्य सुरक्षा जांच की जाएगी और किसी भी प्रतिबंधित वस्तु को परिसर के भीतर ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने भीड़ के व्यवस्थित प्रवेश और निकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न न हो। एसएसपी ने अधिकारियों को वीआईपी मूवमेंट, खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, पार्किंग नियंत्रण तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने को कहा। साथ ही संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु अथवा किसी भी असामान्य गतिविधि की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम और वरिष्ठ अधिकारियों को देकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एसएसपी ने कहा कि सभी अधिकारी वायरलेस और अन्य संचार माध्यमों के जरिए लगातार संपर्क में रहें तथा किसी भी सूचना पर तत्काल प्रतिक्रिया दें। उन्होंने अग्निशमन, स्वास्थ्य, एम्बुलेंस, आपदा प्रबंधन और अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा। ब्रीफिंग के दौरान अधिकारियों को स्टेडियम की सेक्टरवार सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश एवं निकास प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, दर्शकों के सुगम आवागमन, ट्रैफिक नियंत्रण, सुरक्षा जांच, वीआईपी प्रोटोकॉल, मीडिया समन्वय, आपातकालीन निकासी योजना तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय से जुड़े सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था), पुलिस अधीक्षक (नगर), पुलिस अधीक्षक (यातायात), सदर अनुमंडल पदाधिकारी सहित जिला प्रशासन, झारखंड पुलिस और सेना के संबंधित अधिकारी भी उपस्थित थे।
