जेपी नड्डा का विपक्ष पर हमला, बोले- संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश कर रहा विपक्ष

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Eksandeshlive Desk

नई दिल्ली: चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी दल देश की विकास यात्रा से निराश हैं और उनके पास न तो स्पष्ट नीति है और न ही भविष्य की ठोस योजना। इसी वजह से विपक्ष देश में भ्रम और अस्थिरता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। सोमवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में जेपी नड्डा ने कहा कि 140 करोड़ देशवासियों के प्रयासों से भारत विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है और वैश्विक स्तर पर देश का प्रभाव बढ़ रहा है। उनके अनुसार, कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन को देश की यह प्रगति रास नहीं आ रही है।

नड्डा ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले भी एक कथित मनगढ़ंत खबर को लेकर देशभर में हंगामा किया गया था। अब निर्वाचन आयोग की ओर से आरोपों पर स्पष्टीकरण दिए जाने के बावजूद विपक्ष माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है। निर्वाचन आयोग ने हाल में कहा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) समेत उसके निर्णय पूर्ण आयोग के सर्वसम्मत निर्णय हैं और आयोग संवैधानिक एवं वैधानिक प्रावधानों के तहत काम करता है। विपक्ष की राजनीति पर सवाल उठाते हुए जेपी नड्डा ने आरोप लगाया कि विपक्ष हर दिन नए आरोप लगाता है, जिससे देश में भ्रम का वातावरण बनता है और विकास कार्यों में बाधा डालने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की इस कार्यशैली में राष्ट्रीय सुरक्षा, जनकल्याण और देश के मान-सम्मान जैसे विषयों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है। भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष का उद्देश्य जनता की सेवा करना नहीं, बल्कि सत्ता हासिल करना है। उन्होंने विपक्षी दलों पर परिवारवाद की राजनीति को बढ़ावा देने और निजी हित साधने का आरोप लगाया। नड्डा ने कहा कि देश की जनता पहले भी अस्थिरता पैदा करने वाले प्रयासों का जवाब दे चुकी है और आगे भी ऐसे प्रयासों को नाकाम करेगी। उल्लेखनीय है कि निर्वाचन आयोग ने अपनी ओर से कहा है कि एसआईआर के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटने से रोकने के लिए निर्धारित प्रक्रियाएं लागू हैं। इनमें मतदाताओं को सूचना देने, घर-घर सत्यापन, दावे-आपत्तियां दर्ज कराने और अपील की व्यवस्था शामिल है।

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