जेटेट अभ्यर्थियों ने उठाई ग्रेस मार्क्स देने की मांग, प्रश्न पत्र में अव्यवस्था का लगाया आरोप

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करीब 10 साल बाद आयोजित हुई परीक्षा में प्रश्नों के क्रम और विकल्पों में त्रुटि का दावा, जैक और राज्य सरकार से प्रभावित अभ्यर्थियों को समान अवसर देने की मांग

Eksandeshlive Desk

रांची: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) में कथित अव्यवस्थाओं और प्रश्नों में त्रुटियों को लेकर अभ्यर्थियों ने ग्रेस मार्क्स देने की मांग की है। करीब 10 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आयोजित इस परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रश्न पत्र की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि प्रश्न पुस्तिका में प्रश्नों का क्रम अव्यवस्थित था। कई प्रश्नों के सीरियल नंबर बिखरे हुए और उल्टे क्रम में थे, जिससे प्रश्नों को समझने और निर्धारित समय में हल करने में परेशानी हुई।

अभ्यर्थियों के अनुसार, प्रश्नों के अव्यवस्थित क्रम के कारण उनका टाइम मैनेजमेंट प्रभावित हुआ। कई अभ्यर्थी उत्तर जानते हुए भी समय की कमी के कारण ओएमआर शीट में जवाब दर्ज नहीं कर सके। इसके अलावा कुछ प्रश्नों और उनके विकल्पों में भी त्रुटियां होने तथा भ्रम की स्थिति पैदा होने का आरोप लगाया गया है। धनबाद निवासी काजल मंडल के नेतृत्व में अभ्यर्थियों का एक प्रतिनिधिमंडल ज्ञापन सौंपने के लिए रांची स्थित झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) कार्यालय पहुंचा, लेकिन वे ज्ञापन नहीं सौंप सके। अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, असम और गुजरात सहित अन्य राज्यों में ग्रेस मार्क्स दिए जाने का उदाहरण देते हुए झारखंड में भी ऐसी व्यवस्था लागू करने की मांग की। अभ्यर्थियों का कहना है कि जैक की ओर से मॉडल प्रश्नपत्र भी जारी नहीं किया गया था। उनका मानना है कि ग्रेस मार्क्स मिलने से उन्हें आगामी सहायक आचार्य मुख्य परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिल सकता है। उन्होंने जैक और राज्य सरकार से प्रश्नपत्र में कथित त्रुटियों की समीक्षा कर प्रभावित अभ्यर्थियों को समान अवसर देने की मांग की है।

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