रांची: चुनाव जीतते ही जहां अधिकांश जनप्रतिनिधि वीआईपी कल्चर के आभामंडल में गुम हो जाते हैं,वहीं सिल्ली विधायक अमित कुमार महतो ने जनसेवा की एक ऐसी बेमिसाल मिसाल पेश की है,जिसने सियासत के स्थापित ढर्रे को बदल दिया है। रात के 2 बज रहे हों या तड़के भोर,अमित महतो जनता के लिए 24/7 तत्पर रहते हैं। साधारण नागरिक के फोन खुद उठाना और मिस कॉल होने पर स्वयं बैक कॉल करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा बन चुका है। अमित महतो का दायरा सिर्फ सिल्ली या अपनी राजनीतिक पार्टी तक सीमित नहीं है। फरियादी किसी भी वर्ग,समुदाय या जिले का हो,अस्पताल में इलाज,ब्लॉक का चक्कर या थाने में न्याय,वे कागजी उलझनों को दरकिनार कर तुरंत मौके पर पहुंचते हैं। भारी बारिश में किसी का घर ध्वस्त हो जाए,तो वे आधी रात को भी सीधे पीड़ित के दरवाजे पर खड़े मिलते हैं। इतना ही नहीं,अमीर हो या गरीब,अपने क्षेत्र का हो या झारखंड के किसी भी कोने का,वे हर समाज की खुशियों के साथ-साथ दुखों में भी बराबरी से शरीक होते हैं। एसी कमरों तक सीमित रहने वाले अन्य नेताओं के लिए उनका यह ग्राउंड मॉडल अब चुनौती बन गया है। अमित महतो ने साबित कर दिया है कि सच्ची राजनीति भाषणों से नहीं,बल्कि हर नागरिक की पीड़ा में उसके साथ खड़े रहने से होती है।
