रिम्स में एमबीबीएस के नए बैच के लिए आरोहण फाउंडेशन कोर्स का शुभारंभ

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पहली बार 250 सीटों पर हुआ एमबीबीएस में नामांकन, राज्य व केंद्रीय कोटे के विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

रांची। रिम्स में एमबीबीएस के नव-नामांकित विद्यार्थियों के लिए आरोहण फाउंडेशन कोर्स का मंगलवार को औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर आयोजित ओरिएंटेशन डे में नए विद्यार्थियों का संस्थान में स्वागत किया गया तथा उन्हें रिम्स की शैक्षणिक व्यवस्था, संस्थागत संस्कृति, चिकित्सा शिक्षा की अपेक्षाओं एवं एक जिम्मेदार चिकित्सक के रूप में उनकी भावी भूमिका से परिचित कराया गया। इस वर्ष रिम्स के एमबीबीएस पाठ्यक्रम में पहली बार 250 विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है। इसमें राज्य कोटे के साथ-साथ केंद्रीय कोटे के माध्यम से नामांकित विद्यार्थी भी शामिल हैं। नए बैच के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक ओरिएंटेशन कार्यक्रम में भाग लिया। मौके पर निदेशक, रिम्स प्रो. डॉ. डी. के. सिंह ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि चिकित्सा शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि एक संवेदनशील, नैतिक और जिम्मेदार चिकित्सक के निर्माण की प्रक्रिया है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, निरंतर अध्ययन, मरीजों के प्रति सहानुभूति और टीम भावना को अपनी चिकित्सा शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाने का संदेश दिया। डीन प्रो. डॉ. राजीव मिश्रा ने विद्यार्थियों को रिम्स की शैक्षणिक परंपराओं व अपेक्षाओं से अवगत कराते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश उनके जीवन के एक नए अध्याय की शुरूआत है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन तथा शिक्षकों एवं सहपाठियों के साथ सकारात्मक संवाद बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. हिरेन्द्र बिरुआ ने विद्यार्थियों को अस्पताल की कार्यप्रणाली, मरीजों के प्रति चिकित्सकीय जिम्मेदारी तथा स्वास्थ्य सेवाओं में व्यावसायिक आचरण के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि मेडिकल शिक्षा के शुरूआती चरण से ही विद्यार्थियों में मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण विकसित किया जाना आवश्यक है।
डीन, स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. राहुल प्रसाद ने विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास, मानसिक एवं सामाजिक कल्याण, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों तथा संस्थान में उपलब्ध छात्र सहायता व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से रिम्स में उपलब्ध विभिन्न अवसरों का सकारात्मक रूप से लाभ उठाने का आह्वान किया। एमईयू कोआॅर्डिनेटर डॉ. मृत्युंजय मुंडू ने फाउंडेशन कोर्स की रूपरेखा व इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को मेडिकल कॉलेज के नए वातावरण में सहज बनाने के साथ-साथ उन्हें चिकित्सा शिक्षा की मूलभूत अवधारणाओं और व्यावसायिक अपेक्षाओं से परिचित कराने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।आरोहण फाउंडेशन कोर्स 3 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल्स, संचार कौशल, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता, व्यावसायिक व्यवहार, नैतिक मूल्यों, समय प्रबंधन तथा मरीजों के प्रति संवेदनशीलता जैसे महत्वपूर्ण विषयों से परिचित कराया जाएगा। फाउंडेशन कोर्स का उद्देश्य विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ उन्हें मेडिकल शिक्षा की नई प्रणाली में प्रभावी रूप से अभ्यस्त कराना है। कार्यक्रम के दौरान रिम्स के विभिन्न विभागों के शिक्षक, अधिकारी एवं अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित रहे। नव-नामांकित विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए रिम्स में अपनी चिकित्सा शिक्षा की नई यात्रा की शुरूआत की।

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