नेपाल ने सुस्ता सीमा क्षेत्र में बढ़ाई सुरक्षा, भारतीय पक्ष ने जताई चिंता

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Eksandeshlive Desk

काठमांडू : नेपाल सरकार ने भारत से सटी पश्चिम नवलपरासी जिले के नारायणी नदी पार स्थित सीमावर्ती क्षेत्र सुस्ता में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। गृह मंत्रालय ने जिला प्रशासन कार्यालय, नवलपरासी को पत्र भेजकर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने और स्थानीय नागरिकों की समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए थे। तीन जुलाई को गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद सशस्त्र पुलिस बल के निरीक्षक के नेतृत्व में तैनात 25 जवानों की संख्या बढ़ाकर 40 कर दी गई। इसके तीन दिन बाद छह जुलाई को नेपाली सेना के ब्रिगेडियर जनरल यम बहादुर अधिकारी के नेतृत्व में सेना की एक टीम भी सुस्ता पहुंची। इसके छह दिन बाद रविवार को सशस्त्र पुलिस बल के अतिरिक्त महानिरीक्षक अञ्जनी पोखरेल ने भी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया।

सुस्ता में इन दिनों तटबंध निर्माण का कार्य चल रहा है। करीब डेढ़ महीने पहले निर्माणाधीन तटबंध के पूर्वी हिस्से में भारतीय सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) ने पहुंचकर निर्माण कार्य रोकने को कहा था। इसी घटनाक्रम के बाद नेपाल सरकार ने वहां सुरक्षा बढ़ाने का निर्णय लिया। बताया गया है कि नेपाली सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के सादे लिबास में सुस्ता पहुंचने के बाद भारतीय पक्ष ने इस पर औपचारिक रूप से नेपाल से जानकारी मांगी। नेपाल के विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, भारत ने पूछा कि जनरल यमबहादुर अधिकारी के नेतृत्व वाली टीम सुस्ता क्यों गई थी। इस पर नेपाल ने स्पष्ट किया कि सेना की टीम मानसून और संभावित आपदा जोखिम का अध्ययन करने के उद्देश्य से वहां गई थी। स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, नेपाली सेना के पहुंचते ही एसएसबी के अधिकारियों ने उनसे पूछताछ भी की। चूंकि नेपाली सेना के जवान सादे लिबास में पहुंचे थे और इसकी पूर्व सूचना स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों को भी नहीं थी, इसलिए भारतीय पक्ष ने उनकी मौजूदगी पर सवाल उठाए।

नेपाल के सैन्य अधिकारियों ने सुस्ता के स्थानीय निवासियों से सीमा क्षेत्र की स्थिति और समस्याओं की जानकारी ली। नेपाली सेना के प्रवक्ता सहायक रथी राजाराम बस्नेत ने कहा कि सेना की टीम देशभर में मानसून और आपदा से जुड़े जोखिमों का आकलन कर रही है तथा सुस्ता का दौरा भी इसी उद्देश्य से किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दौरे का सीमा विवाद से कोई संबंध नहीं है। जिला प्रशासन ने भी कहा है कि नेपाली सेना का यह दौरा औपचारिक नहीं था। वहीं, तटबंध निर्माण में भारतीय सुरक्षाकर्मियों द्वारा हस्तक्षेप किए जाने के बाद सुस्ता में सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। उल्लेखनीय है कि लगातार वर्षा के बीच नेपाल की राजधानी काठमांडू सहित 35 जिलों और आसपास की नदियों एवं जलधाराओं में बाढ़ आने की आशंका जताई गई है। बाढ़ पूर्वानुमान महाशाखा ने जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।

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