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रांची: राँची रेलवे स्टेशन को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने के लिए बुधवार से एक विशेष तीन दिवसीय अभियान की शुरुआत की गई। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग,भारत सरकार के सौजन्य से जिला में संचालित ”स्माइल योजना” के तहत स्वावलम्बन स्माइल टीम और रेलवे सुरक्षा बल ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की। अभियान के पहले दिन राँची रेलवे स्टेशन से 6 महिला और 4 पुरुष भिक्षुओं को रेस्क्यू किया गया।
स्वावलम्बन संस्था द्वारा संचालित इस योजना के तहत राँची रेलवे स्टेशन को पूरी तरह भिक्षावृत्ति से मुक्त करने का निर्णय लिया गया है। यह अभियान 8,9 और 10 जुलाई को सुबह 9.00 बजे से दोपहर 2.00 बजे तक लगातार चलाया जाएगा। बुधवार को रेस्क्यू किए गए सभी लोगों की पहले मेडिकल जांच की गई,जिसके बाद उन्हें स्माइल आश्रय गृह लाया गया। संस्था द्वारा इन लोगों की काउंसिलिंग की जा रही है और उनके परिजनों से भी संपर्क साधा जा रहा है। अभियान के दौरान एक व्यावहारिक समस्या भी सामने आई। राँची में फिलहाल केवल महिलाओं के लिए ही एक मात्र ”स्माइल आश्रय गृह” संचालित है। पुरुषों के लिए अलग से आश्रय गृह की व्यवस्था नहीं होने के कारण,रेस्क्यू किए गए 4 पुरुष भिक्षुओं को कड़ी काउंसिलिंग और दोबारा भिक्षावृत्ति न करने की हिदायत के साथ छोड़ दिया गया। इस संयुक्त अभियान में राँची आरपीएफ के पोस्ट कमान्डेंट शिशुपाल कुमार, स्वावलम्बन संस्था की सचिव पुनीता राय, एसआई कमल दास, मल्लिक कुमार, एएसआई संगीता तिर्की, पुजा सुर, रीना यादव, स्माइल प्रबंधक शारदा प्रसाद, परामर्शदात्री सुषमा सिंहा, केयरटेकर उषा कुमारी, ब्रिज कोर्स समन्वयक रेखा कुमारी, किशोर कुमार दास, देवनारायण लोहारा और विजय उरांव मुख्य रूप से शामिल थे।
