कोयला चोरी रोकने के लिए गृहमंत्रालय और कोयला मंत्रालय की ओर से ED का छापा: जे पी पांडेय

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Sunil Verma

भाजपा किसान मोर्चा झारखंड प्रदेश और झारखंड राज्य समाज कल्याण आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ के संयोजक जय प्रकाश पांडेय ने कोल इंडिया में जारी कोयला लूट पर नकेल कसने की तैयारी केंद्रीय गृह मंत्रालय और कोल इंडिया के ताल मेल से शुरू किए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि कोल इंडिया में विगत कई वर्षों से ट्रकों, मोटरसाइकिल और साइकिल द्वारा बड़े पैमाने पर कोयला की चोरी गुप चुप तरीके से किया जात रहा है। जो आज उद्योग का रूप ले लिया है, जिसके कारण अवैध कोयला खदानों में समय समय पर दुर्घटनाएं होती रहती है तथा कई मजदूरों को अपनी जान भी गवानी पड़ती है। दुर्घटनाओं की कई घटनाएं भी हो चुकी हैं जिसमे कई मजदूर अपनी जान गवा चुके है, जिसके कारण राष्ट्रीय संपति की लूट वर्षों से जारी है। अब भारत सरकार द्वारा कोयला चोरी पर जीरो टॉलरेंस कानून लगाने पर काली कमाई करने वाले व्यापारियों पर रोक लगेगी। इस संबंध में दिल्ली में हुई कोयला सचिव, गृह सचिव के साथ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के निर्णय से सफल हुआ है। कोल इंडिया के सभी प्रक्षेत्रों के अवैध कोयला उत्पादन क्षेत्रों और चोरी होने वाले क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से CISF की तैनाती की जा रही है। कोयला चोरी का पूरा रिपोर्ट गृह मंत्रालय को प्राप्त हो गया है। BCCL धनबाद एरिया से वर्षों से CISF के मुख्य पदों पर नियुक्त अधिकारियों को हटा दिया गया है। जिसके कारण पूरे कोल इंडिया में हड़कंप मच है। कोल इंडिया में भयंकर लूट के कारण कोयला मजदूरों और कोल इंडिया में प्रत्येक कोलियरियों में कार्यरत लगभग 04 हजार शिक्षकों को वेतन और रिटायरमेंट की सुविधाएं अभी तक नहीं मिल सकी है, और बाध्य होकर आज न्यायालय से न्याय की गुहार लगाने को बाध्य है कोल इंडिया के वेलफेयर बोर्ड के शिक्षक, परंतु दुर्भाग्य है कि हाई कोर्ट के निर्णयों के बाद भी अभी तक किसी रिटायर्ड शिक्षक/ शिक्षिका को कोई रिटायरमेंट और ग्रेच्युटी की कोई सुविधा प्राप्त नहीं हुई है जब की कई शिक्षक वेतन के अभाव में अपनी जान भी चुके है, परंतु कोल इंडिया के लूट कंपनी ने गरीब वेल्फेयर शिक्षकों पर न्यायालय की सुविधाओं को भी अभी तक लागू नहीं किया है, जिससे कोल इंडिया में बढ़ते कोयला चोरी की गाथा का पता चलता है, की कोल इंडिया का कार्य शिक्षा चलना नहीं केवल कोयला लूट ही प्रमुख धंधा रहा है। जिसके कारण आज गृह मंत्रालय को कोयला चोरी रोकने के लिए कोल इंडिया में शून्य कोल लिंकेज योजना लेकर 01 जुलाई 2026 को गृहमंत्रालय और कोल इंडिया ने निर्णय लेना पड़ा है। उसे पश्चिम बंगाल और झारखंड में लागू कर दिया गया है। लगभग 43 ठिकानों पर कोल इंडिया के लगभग 100 अधिकारियों के देखरेख में ED द्वारा कोयला चोरी पर छापामारी जारी है, जिसके झारखंड के लगभग 18 ठिकाने और पश्चिम बंगाल के लगभग 24 ठिकानों पर लगातार ED का छपा जारी है। जिसमें सोना,चांदी सहित करोड़ों नगदी बरामद होने शुरू हो गए है। कोयला चोरी से प्रतिदिन भारत सरकार को करोड़ों रुपयों का लैंप्स होता था, रिकोभरी और बढ़ने की संभावना बढ़ रही है। अब कोयला चोरी निगरानी का भार जिला प्रशासन पुलिस पर कम होगा। यह कोयला चोरी की जांच बढ़ते अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए खान एवं खनिज अधिनियम के तहत ED द्वारा छापे मारे जा रहे है, अब कोल इंडिया अधिकारियों को स्वयं तलाशी लेने और कोयला जप्त करने का अधिकार भी होगा। भारत सरकार का यह कदम सराहनीय है,इससे कोयले पर लूट को रोकने में सफलता मिलेगा।

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