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आजसू कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर, कहा
रांची: राज्य में कानून व्यवस्था के चिंताजनक हालात पर आजसू ने वर्तमान सरकार पर हमला करते हुए कहा है कि राज्य में कानून व्यवस्था के मोर्चे पर हेमंत सरकार विफल साबित हुई है। हत्या और बलात्कार की घटनाएँ रोज हो रही है, लेकिन प्रतीक्षारत डीएसपी की फौज की पोस्टिंग करने में सरकार रुचि नहीं दिखा रही है। आजसू के महासचिव एवं हजारीबाग लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी संजय मेहता ने इस मसले पर मुख्यमंत्री से पहल करने का आग्रह किया है। उन्हें पत्र भी लिखा है। जिसमें कहा गया कि झारखंड में अपराध की लगातार बढ़ती घटनाओं ने आम जनता के बीच भय का वातावरण पैदा कर दिया है। अपराध की बढ़ती घटनाएँ, विशेष रूप से भूमि विवादों से संबंधित अपराध, बलात्कार, हत्याएँ, और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग आम जनता में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर रहा है। जनवरी से जून 2025 के बीच राज्य में 661 हत्या और 922 बलात्कार की घटनाएं दर्ज की गई हैं। यह झारखंड पुलिस का आधिकारिक आँकड़ा है। यह दशार्ता है कि राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। जुलाई से सितंबर के अपराध का आंकड़ा सरकार ने अब तक जारी नहीं किया है। यह आंकड़ा और ज्यादा है। राज्य के 39 पुलिस उपाअधीक्षक। जिन्होंने अपना प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। अब भी वे पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ये सभी अधिकारी 7 वीं से 10वीं जेपीएससी के सफल अभ्यर्थी रहे हैं और पिछले दो वर्षों से केवल प्रशिक्षु के रूप में दायित्व निभा रहे हैं। इससे इनका सही उपयोग राज्य हित में नहीं हो पा रहा है। एक तरफ हत्या हो रही है दूसरी तरफ प्रशिक्षित डीएसपी बैठे हैं। संजय मेहता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखे पत्र में कहा है कि जब राज्य में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। तो ऐसे में प्रशिक्षित अफसरों को फाइलों तक सीमित रखने के बजाय फील्ड में कार्य करने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उपलब्ध सभी मानव संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करना चाहिए। उन्होंने अपराध रोकने और 39 डीएसपी का तत्काल पदस्थापन करने की माँग की है।
