सतर्कता जागरूकता बैठक आयोजित: साइबर अपराध से बचने के संबंध में दी गयी जानकारी

360° Ek Sandesh Live

अशोक अनन्त
हंटरगंज(चतरा):
बैंक ऑफ इंडिया गोसाईडीह शाखा द्वारा ग्रामीण और स्थानीय क्षेत्र के लोगों को वित्तीय धोखाधड़ी से बचाने के लिए एक विशेष ‘सतर्कता जागरूकता बैठक’ का आयोजन किया गया। इस बैठक के माध्यम से बैंक ने बड़े पैमाने पर साइबर अपराध नियंत्रण को लेकर एक जागरूकता अभियान चलाया। ओटीपी और गोपनीय जानकारी साझा न करने की सलाहबैठक के दौरान बैंक के शाखा प्रबंधक श्याम लाल एवं सतर्कता अधिकारी हिमांशु गर्ग ने संयुक्त रूप से उपस्थित ग्राहकों और स्थानीय लोगों को संबोधित किया। अधिकारियों ने डिजिटल बैंकिंग के दौर में बढ़ते साइबर खतरों के प्रति लोगों को आगाह किया। उन्होंने कड़े शब्दों में सलाह दी कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना वन-टाइम पासवर्ड (OTP), बैंक खाता विवरण, यूपीआई पिन (UPI PIN) या एटीएम कार्ड का सीवीवी (CVV) नंबर भूलकर भी साझा न करें।

शाखा प्रबंधक श्याम लाल एवं सतर्कता अधिकारी हिमांशु गर्ग ने साइबर फ्रॉड की पहचान करने के लिए कई महत्वपूर्ण संकेत और सुरक्षा सूत्र साझा किए:

फर्जी कॉल और लॉटरी से सावधान: बैंक कभी भी फोन पर ग्राहकों से गोपनीय जानकारी नहीं मांगता। लॉटरी या इनाम के नाम पर आने वाले कॉल्स से पूरी तरह सतर्क रहें। असुरक्षित लिंक पर न करें क्लिक: एसएमएस या व्हाट्सएप पर मिलने वाले संदिग्ध और आकर्षक लिंक्स पर क्लिक करने से बचें, इससे बैंक खाता खाली हो सकता है। अधिकारियों की सीधी सलाह: यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि का अंदेशा हो, तो तुरंत अपनी नजदीकी बैंक शाखा से संपर्क करें। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य डिजिटल बैंकिंग को सुरक्षित बनाना और ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं के बीच साइबर साक्षरता को बढ़ावा देना था। अभियान के अंत में लोगों ने सतर्क रहने और डिजिटल लेन-देन में पूरी सावधानी बरतने का संकल्प लिया।
सतर्कता जागरूकता अभियान 2026 की थीम “सत्यनिष्ठा से समृद्धि” (Probity for Prosperity) के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर बताया गया कि ईमानदारी, पारदर्शिता, जवाबदेही एवं नैतिक आचरण को अपनाकर ही समाज एवं देश में स्थायी विकास और समृद्धि सुनिश्चित की जा सकती है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध जागरूकता फैलाना तथा सत्यनिष्ठा को अपने दैनिक जीवन में अपनाना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
बैठक के दौरान ग्रामीणों को विशेष रूप से साइबर अपराध एवं साइबर फ्रॉड से बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें समझाया गया कि किसी अनजान व्यक्ति के फोन कॉल, SMS, WhatsApp संदेश या संदिग्ध लिंक पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। अपना OTP, PIN, पासवर्ड, ATM/डेबिट कार्ड की जानकारी एवं बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें।
ग्रामीणों को विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों, जैसे फर्जी बैंक कॉल, KYC अपडेट के नाम पर ठगी, फर्जी लिंक, UPI फ्रॉड, ऑनलाइन पेमेंट फ्रॉड, फर्जी लोन/इनाम के संदेश से बचें। विशेष रूप से बताया गया कि अपने बैंक खाते का उपयोग किसी अन्य व्यक्ति को पैसे प्राप्त करने अथवा आगे ट्रांसफर करने के लिए देना गंभीर कानूनी एवं वित्तीय जोखिम उत्पन्न कर सकता है। साइबर अपराधियों द्वारा ऐसे खातों का उपयोग अवैध धन के लेन-देन के लिए किया जा सकता है।
शाखा प्रबंधक श्याम लाल एवं सतर्कता अधिकारी हिमांशु गर्ग ने ग्रामीणों से अपील की कि वे स्वयं साइबर अपराध एवं भ्रष्टाचार के प्रति जागरूक रहें तथा अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। किसी भी संदिग्ध बैंकिंग लेन-देन या साइबर गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित बैंक एवं सक्षम प्राधिकारी को देने की सलाह दी गई।

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