राष्ट्रकवि दिनकर आग, राग से वैराग्य तक के कवि : डॉ. जे.बी.पाण्डेय

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झारखंड हिंदी साहित्य संस्कृति मंच ने मनायी दिनकर जयंती

Eksandeshlive Desk

रांची : झारखंड हिंदी साहित्य संस्कृति मंच के तत्वावधान में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जयंती हर्षोल्लास से सम्पन्न हुई। राज़ रामगढ़ी द्वारा मां शारदे की वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। मंच सचिव विनोद सिंह गहरवार ने सभी अतिथियों का भव्य स्वागत किया। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. जे.बी.पाण्डेय (हिंदी विभाग अध्यक्ष रांची विश्वविद्यालय) एवं सम्मानित अतिथि के रूप में मनीषा सहाय सुमन शोभायमान रहीं। वक्ता डॉ. पाण्डेय ने राष्ट्रकवि दिनकर को आग, राग से वैराग्य तक के कवि, भारतीय संस्कृति के अग्रदूत, राष्ट्र कल्याण के धर्मनिष्ठ साधु, प्रेम और श्रृंगार के अद्भुत गायक एवं विकृतियों के अभिशाप में प्रचंड पौरुष के तप तेज वाले महाकवि कहा। हिंदी साहित्य में दिनकर के गद्य एवं पद्य दोनों क्षेत्र में अतुलनीय योगदान : कार्यक्रम की अध्यक्षता मंच उपाध्यक्ष निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव ने की जिन्होंने “हिंदी साहित्य में दिनकर के गद्य एवं पद्य दोनों क्षेत्र में अतुलनीय योगदान एवं आधुनिक युग के वीररस एवं राष्ट्रबोध के सर्वश्रेष्ठ कवि, उदार-दॄष्टि-संपन्न इतिहासकार तथा अप्रतिम गद्यकार” पर विस्तृत एवं सारगर्भित व्याख्यान देकर कार्यक्रम का मान बढ़ाया।

राष्ट्रकवि राष्ट्र चेतना के प्रखर पुरुष एवं राष्ट्रभक्ति के नव धर्म प्रणेता : मंच सचिव विनोद सिंह गहरवार ने राष्ट्रकवि को राष्ट्र चेतना के प्रखर पुरुष एवं राष्ट्रभक्ति के नव धर्म प्रणेता बताया। मंच संरक्षक विनय सरावगी के स्नेहिल संरक्षण में मंच दिनोंदिन प्रगति कर रहा है। कार्यक्रम संयोजन मंच संयोजिका ममता मनीष सिन्हा ने तथा संचालन अर्पणा सिंह ने किया। मीडिया संयोजन पूनम वर्मा एवं मंच मीडिया प्रभारी ऋतुराज वर्षा ने किया। जिन कवि-कवयित्रियों ने अपनी कविता से इस कार्यक्रम को सार्थक बनाया, उनमें निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव, प्रो.जे.बी.पाण्डेय, विनोद सिंह गहरवार, मनीषा सहाय सुमन, हिमकर श्याम, ममता मनीष सिन्हा, ऋतुराज वर्षा, डॉ. सुरेंद्र कौर नीलम, नेहाल हुसैन सरैयावी, अनीता रश्मि, अर्पणा सिंह, पूनम वर्मा, डॉ. उर्मिला सिन्हा, गीता सिन्हा गीतांजलि, डॉ. रेणुबाला धार, राज रामगढ़ी, कामेश्वर सिंह कामेश, गीता चौबे गूंज, सुनीता अग्रवाल पिंकी, करुणा सिंह, हास्य कवि नरेश बांका (श्रोता) के नाम प्रमुख हैं। कार्यकम अध्यक्ष निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव के अध्यक्षीय संभाषण एवं डॉ. सुरेंद्र कौर नीलम के धन्यवाद ज्ञापन से कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

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