बदहाल रास्ते से गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाना चुनौती
अशोक अनन्त
लावालौंग(चतरा): रिमी से लावालौंग जाने वाली सड़क की बदहाली ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति और भी भयावह हो गई है। जगह-जगह बने गड्ढों, कीचड़ , पथरीला और जलजमाव के कारण इस रास्ते से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। सबसे गंभीर स्थिति गर्भवती महिलाओं और मरीजों को लेकर है। सड़क की बदहाली के कारण आपात स्थिति में गर्भवती महिला को लावालौंग अस्पताल तक पहुंचाना ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि रास्ते में किसी गर्भवती महिला की तबीयत बिगड़ जाए या कोई अप्रिय घटना घट जाए, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी? ग्रामीणों के अनुसार, पहले वन विभाग की ओर से सड़क पर मिट्टी-मोरम डालकर समय-समय पर मरम्मत कराई जाती थी, जिससे आवागमन कुछ हद तक सुगम रहता था। लेकिन अब सड़क की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और संबंधित विभाग की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने तथा बरसात के दौरान आवागमन सुचारु रखने की मांग की है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब यह सड़क रोजाना लोगों के आवागमन का प्रमुख साधन है, तो इसकी बदहाली दूर करने के लिए आखिर जिम्मेदार विभाग कब जागेगा?
