सदर अस्पतालों में सुविधाओं और मानव संसाधन पर विशेष सचिव ने दिए निर्देश

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रांची। स्वास्थ्य विभाग की विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा की अध्यक्षता में मंगलवार को सदर अस्पतालों की पुनर्संरचना और विभिन्न योजनाओं में आवंटित राशि के व्यय को लेकर समीक्षा बैठक हुई। बैठक में निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. पी. भट्टाचार्य, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. प्रभात कुमार और सभी जिलों के सिविल सर्जन मौजूद रहे। बैठक में मुख्यमंत्री अस्पताल रखरखाव योजना, मदर टेरेसा एडवांस्ड हेल्थ क्लिनिक, चलंत ग्राम क्लिनिक और आउटसोर्सिंग मद की समीक्षा की गई। विशेष सचिव ने योजनावार आवंटन, स्वीकृत राशि, अब तक के व्यय और कोषागार से निकासी की जानकारी ली और समय पर राशि के उपयोग का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री अस्पताल रखरखाव योजना के तहत एक सप्ताह में शत-प्रतिशत राशि की स्वीकृति सुनिश्चित करने को कहा गया। मदर टेरेसा क्लिनिक योजना में भी लंबित कार्य एक सप्ताह में पूरा करने का निर्देश दिया गया, अन्यथा अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। सभी सिविल सर्जनों को डिजिटल हस्ताक्षर बनवाने को कहा गया।आउटसोर्सिंग कर्मियों की समीक्षा में सभी कर्मियों का विवरण और प्रमाण-पत्र पोर्टल पर अपलोड करने, एचआरआईएस पोर्टल पर जानकारी अपडेट करने और बायोमेट्रिक उपस्थिति के लिए दो चिकित्सकों को नोडल पदाधिकारी बनाने का निर्देश दिया गया।स्वास्थ्य संस्थानों की पुनर्संरचना को प्राथमिकता पर पूरा करने को कहा गया। सिविल सर्जनों को पीएचसी, सीएचसी, 30-50 बेड वाले अस्पताल, अनुमंडलीय और जिला अस्पतालों में उपलब्ध और आवश्यक चिकित्सकों व कर्मियों का आकलन कर प्रस्ताव भेजने को कहा गया। ग्रेड-3 और ग्रेड-4 कर्मियों की स्थिति स्पष्ट करने और कमी होने पर डीएमएफटी व आउटसोर्सिंग से नियुक्ति पर विचार करने को कहा गया।जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए डीएनबी पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना पर भी चर्चा हुई। शुरूआती चरण में 5-6 उच्च क्षमता वाले अस्पतालों को पायलट के तौर पर चुना जाएगा। चयन बुनियादी संरचना, फैकल्टी, ओपीडी, ओटी, लाइब्रेरी और आॅपरेशन की संख्या के आधार पर होगा। इसके लिए राज्य स्तर पर संचालन समिति गठित होगी। ट्रॉमा सेंटरों को जल्द क्रियाशील करने के लिए संसाधनों की समीक्षा कर प्रस्ताव देने को कहा गया।

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