Eksandeshlive Desk
मुंबई: दिग्गज पटकथा लेखक और अभिनेता सलमान खान के पिता सलीम खान को हिंदी सिनेमा में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित राज कपूर लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सलीम खान की ओर से उनकी पत्नी अभिनेत्री हेलन ने यह सम्मान ग्रहण किया। इस मौके पर हेलन ने महाराष्ट्र सरकार का आभार जताते हुए कहा कि सलीम साहब के लिए यह बेहद खास सम्मान है। उन्होंने हिंदी फिल्म जगत को यादगार कहानियां और संवाद देकर अपनी अलग पहचान बनाई है। मीडिया से बातचीत में हेलन ने बताया कि सम्मान की जानकारी मिलने के बाद सलीम खान ने उन्हें चाहने वाले और लगातार समर्थन देने वाले सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया। हेलन ने कहा कि वह सलीम खान की ओर से यह पुरस्कार पाकर बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि सलीम की लिखी सभी फिल्में उन्हें पसंद हैं। सलीम खान ने 1970 के दशक में जावेद अख्तर के साथ मिलकर हिंदी सिनेमा को ‘शोले’, ‘जंजीर’, ‘दीवार’, ‘डॉन’ और ‘त्रिशूल’ जैसी कई यादगार फिल्में दीं। दोनों की जोड़ी ने कहानी, पटकथा और दमदार संवादों के जरिए सिनेमा में लेखकों की भूमिका को नई पहचान दिलाई। सलीम खान उन शुरुआती लेखकों में भी रहे, जिन्होंने फिल्म के पोस्टर और प्रचार में पटकथा लेखक को उचित श्रेय और सम्मान दिलाने की आवाज उठाई।
महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कार में रानी मुखर्जी हुईं सम्मानित: अभिनेत्री रानी मुखर्जी के लिए 62वां महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कार समारोह बेहद भावुक पल लेकर आया। यहां प्रभादेवी स्थित रवींद्र नाट्य मंदिर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें प्रतिष्ठित राज कपूर विशेष योगदान पुरस्कार प्रदान किया। सम्मान हासिल करते समय रानी भावुक नजर आईं। मंच से उन्होंने मराठी में अपनी भावनाएं जाहिर करते हुए महाराष्ट्र को अपनी जन्मभूमि के साथ-साथ कर्मभूमि भी बताया। रानी ने कहा कि महाराष्ट्र उनके जीवन का सिर्फ एक हिस्सा नहीं, बल्कि उनकी पहचान से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने राज्य सरकार का आभार जताते हुए कहा कि अपने लोगों और अपनी मातृभूमि से मिलने वाला सम्मान उनके लिए बेहद खास है। मुंबई का जिक्र करते हुए अभिनेत्री ने कहा कि इस शहर ने उन्हें पहचान, दर्शक और करियर दिया। उन्होंने मुंबई को अपना घर और सुरक्षित ठिकाना बताते हुए कहा कि यहां से उनका रिश्ता हमेशा दिल के करीब रहेगा। अभिनेत्री ने कहा कि यह पुरस्कार उनके लिए किसी ट्रॉफी से कहीं बढ़कर है। जब भी वह इसे देखेंगी, उन्हें इसमें अपना मुंबई और महाराष्ट्र नजर आएगा। रानी ने अपने फिल्मी सफर को याद करते हुए कहा कि सिनेमा को उन्होंने कभी सिर्फ पेशा नहीं माना, बल्कि यह उनके लिए एक गहरी भावना और जीवन का अहम हिस्सा रहा है। महाराष्ट्र सरकार से मिला यह सम्मान उनके इसी लंबे सिनेमाई सफर की एक यादगार पहचान बन गया है।
