अशोक वर्मा
मोतिहारी: स्वतंत्रता सेनानी एवं उत्तराधिकारी संगठन के रंग-बिरंगे मेले में देश के एक आध्यात्मिक व्यक्ति जितेंद्र रघुवंशी ने चंद वर्ष पूर्व सेनानी परिवार मे आपसी एकता, नई जागृति, और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य बोध जागृत करने के साथ-साथ सेनानी परिवार के अधिकार की मांग की आवाज बुलंद करने हेतु एक नया संगठन बनाया. इनके इस साहसिक प्रयास में देश के सेनानी परिवार में नई जागृति आई. गायत्री परिवार से जुड़े तथा इस अति महत्वपूर्ण कार्य को आरंभ करने वाले जितेंद्र रघुवंशी ने स्वतंत्रता सेनानी परिवार को एकजुट करने एवं सेनानियों के ऋण को उतारने के लिए जो नया संगठन बनाया उसका नाम स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति.रखा. धीरे-धीरे यह परिवार समिति देशभर में फैल गयी और काफी सेनानी परिवार इससे जूटे. पूर्वी चंपारण जिले में सेनानी के नाम पर कई छोटे-मोटे संगठन चल रहे थे, लेकिन उसमे व्यापकता नहीं थी. यद्यपि 1995 में मोतिहारी में प्रो रमेश सिंन्हा की अध्यक्षता में सेनानी उत्तराधिकारी संगठन बनी थी जिसका जिला अध्यक्ष अशोक वर्मा एवं महासचिव कौशल किशोर पाठक बनाए गए थे, 11 सदस्यीय कार्यकारिणी थी. चंद वर्ष तक वह संगठन काफ़ी सक्रिय रहा लेकिन उसके महासचिव कौशल किशोर पाठक के अस्वस्थता एवं दुर्घटना में एक पैर टूटने के कारण यह संगठन कुछ वर्षों तक निष्क्रिय रहा बाद में सुगौली में संचालित सेनानी एवं उत्तराधिकारी संगठन से जुड़कर जैसे तैसे संगठन को आगे बढ़ाया गया, लेकिन उस संगठन में खुलापन और व्यापकता भी नहीं थी जिससे संगठन मे शामिल बुद्धिजीवी उत्तराधिकारियो ने अलग संगठन की आवश्यकता महसूस की.
1995 में गठित संगठन को फिर से आरम्भ किया गया. इस संगठन द्वारा कई कार्यक्रम आयोजित किये गये. इस बीच जिले के उत्तराधिकारियों को राष्ट्रीय उत्तराधिकारी समिति की जानकारी मिली और उसके राष्ट्रीय महासचिव जितेंद्र रघुवंशी से संपर्क कर राष्ट्रीय कमेटी के निर्देशानुसार नई जिला कमेटी का गठन हुआ, जिला कमेटी के मुख्य संरक्षक अशोक वर्मा बने तथा अध्यक्ष कौशल किशोर पाठक एवं महासचिव इंजीनियर रत्नेश कुमार बनाए गए. आगे चलकर राष्ट्रीय कमेटी ने जिला कमेटी के मुख्य संरक्षक अशोक वर्मा को प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी दी. पहले से बनी बिहार प्रदेश कमेटी भी बहुत सक्रिय नहीं थी एक तरह से वह कागज पर ही चल रही थी. उस कमेटी द्वारा प्रदेश में कोई बड़ा आयोजन भी नहीं हो पाया था. इस बीच प्रदेश महासचिव की सेवा कार्यों को देखते हुए राष्ट्रीय कमेटी की बैठक जिसमे 20 राज्यों के डेलीगेट आए हुए थे,मे निर्णय लेकर मोतिहारी के अशोक वर्मा को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी बनाया गया. पूर्वी चंपारण सेनानी उत्तराधिकारी समिति के मासिक कार्यक्रम में सेनानी उत्तराधिकारियों के साथ शहर के गण्यमान लोगो की भी भागीदारी होने लगी, भाग लेने वालों में जिले के संस्कृति कर्मी, शिक्षा विद एवं समाजसेवी मुख्य रूप से थे. देखते-देखते पूर्वी चंपारण मे एक मजबूत संगठन बन गया.
पूर्वी चंपारण जिला कमिटी द्वारा किए जा रहे लगातार कार्यक्रमों का प्रभाव पश्चिमी चंपारण मे भी पड़ा और वहां के सेनानी उत्तराधिकारियों ने भी मासिक कार्यक्रम आरंभ कर दिया.राष्ट्रीय महासचिव जितेंद्र रघुवंशी जी के परिपक्व सोच और सेनानियों के प्रति आदर सम्मान एवं उनके ऋण से मुक्त होने हेतु प्रत्येक माह का अनोखा कार्यक्रम 10:00 बजे 10 मिनट स्वतंत्रता सेनानी एवं शहीदों के नाम कार्यक्रम पूरे देश के लिए एक अजूबा और अति प्रभावशाली कार्यक्रम साबित हुआ. यह कार्यक्रम आज पूरे देश में बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है.धीरे-धीरे छोटा पौधा वृक्ष का आकार लेने लगा. देश भर में हो रहे कार्यक्रम को देखते हुए राष्ट्रीय महासचिव ने पूरे देश के उत्तराधिकारी परिवार को बधाई दी. सेनानी उत्तराधिकारी परिवार के मांगों को भी उन्होंने जोरदार आवाज में प्रदेश एवं राष्ट्रीय मंच पर लगातार उठाया .इस बाबत राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक वर्मा ने बताया कि सबसे पहले संगठन की मजबूती चाहिए ताकि सरकार तक हमारी आवाज बुलंदी के साथ पहुंच सके. यद्यपि देशभर में प्रत्येक माह के प्रथम रविवार को मनाए जाने वाले 10:00 बजे 10 मिनट सेनानी एवं शहीदों को समर्पित कार्यक्रम की गूंज केंद्र सरकार तक पहुंच रही है और देश के कई सांसद लगातार प्रधानमंत्री से संपर्क बनाकर सेनानी उत्तराधिकारियों के मांगों को उन तक पहुंचा रहे हैं.
राष्ट्रीय महासचिव जितेंद्र रघुवंशी का कहना है कि मांगे तो हमारी पुरानी है, लेकिन इसे मांग कहना उचित नहीं है बल्कि हमारा अधिकार है. अधिकार लेने का पहला हक सेनानी उत्तराधिकारियों का बनता है. उन्होंने कहा कि सरकार बहुत जल्द मांगों को मानेगी जो हमें धरातल पर देखने को मिलेगा क्योंकि ज्यादातर सेनानी उत्तराधिकारी उम्र के सातवे और आठवीं दशक में चल रहे हैं इसलिए हमारा अधिकार जल्द से जल्द हमें मिले ऐसी हम सरकार से उम्मीद कर रहे हैं. राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं महासचिव की प्रभावशाली एवं दमदार अधिकार मांग पूरे देश के सेनानी उत्तराधिकारियों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता जा रहा है देश भर के स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी आशा भरी नजरों से केंद्रीय कमेटी की ओर देख रही है क्योंकि उनका स्पष्ट कहना है कि देश पर स्वतंत्रता सेनानी परिवार का पहला हक है. राष्ट्रीय महासचिव रघुवंशी ने देश के सभी सेनानी उत्तराधिकारीयो को स्वतंत्रता दिवस पर बधाई संदेश देते हुए कहा कि हमे गर्व है कि हम स्वतंत्रता सेनानी के वंशज हैं इससे बड़ा सम्मान और क्या हो सकता है? देश मे बहुत ही कम लोगों को यह सौभाग्य मिला है इसलिए हमें अपने महानता पर पहले गर्व करना चाहिए. बाकी सरकार तक हम बातों को तो रख रहे हैं. अंत में उन्होंने सेनानी उत्तराधिकारी के नाम अपने संदेश में कहा कि अगस्त क्रांति तथा स्वतंत्रता दिवस समारोह पूरे देश में सेनानी परिवार समूह मे जरूर मनावे. अपने-अपने कार्यालय एवं घरों पर तिरंगा फहरावे और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग बलिदान पर विस्तृत रूप से चर्चा करें साथ संकल्प लें कि सेनानियों की परिकल्पना का हम राष्ट्र बनाएंगे.
