Eksandeshlive Desk
वॉशिंगटन: ईरान में जारी लंबे युद्ध के कारण अमेरिका के रक्षा भंडार पर बढ़ते दबाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका यूक्रेन को दिए गए हथियारों और गोला‑बारूद की लागत यूरोपीय सहयोगियों से वसूल करेगा। ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर कई पोस्ट करते हुए पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर आरोप लगाया कि उन्होंने “सैकड़ों अरब डॉलर” मूल्य के हथियार यूक्रेन और नाटो को “मुफ़्त” में दे दिए। उन्होंने इस कदम को बाइडेन की कुप्रबंधन नीति में सुधार बताते हुए कहा, “हम वह पैसा मांगेंगे, भले ही कुछ देर से ही सही।” यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी सैन्य भंडार में कमी दर्ज की जा रही है। ‘सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज़’ के अनुसार, ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद से पेंटागन ने लगभग 1,500 पैट्रियट एयर‑डिफेंस इंटरसेप्टर का उपयोग किया है, जिससे भंडार घटकर 1,000 से भी कम रह गया है।
‘टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस’ (थाड) इंटरसेप्टर का स्टॉक भी 452 से घटकर 300 से नीचे आ गया है। इन आंकड़ों के बावजूद ट्रंप ने शस्त्र भंडार में कमी की रिपोर्टों को “देशद्रोही” करार दिया और दावा किया कि अमेरिका के पास “लगभग असीमित मात्रा में मध्यम और उच्च श्रेणी का गोला‑बारूद” मौजूद है। उन्होंने कहा कि प्रशासन घरेलू ज़रूरतों को प्राथमिकता देकर भंडार को फिर से भर रहा है। ट्रम्प ने आरोप लगाया, “जो लोग और मीडिया यह कहते रहते हैं कि हमारे पास गोला‑बारूद नहीं है… वे वास्तव में देशद्रोही हैं।” विश्लेषकों का मानना है कि यूक्रेन को सैन्य सहायता जारी रखते हुए ईरान में महंगे युद्ध का संचालन करना वॉशिंगटन के लिए दोहरी चुनौती है। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि दो मोर्चों पर गोला‑बारूद की भारी मांग ट्रांसअटलांटिक साझेदारी की दिशा बदल सकती है और यूरोप को अधिक ज़िम्मेदारी उठाने के लिए मजबूर कर सकती है।
