ओमान तट के पास तेल टैंकर पर ईरान का हमला, बचाए गए 15 भारतीय नागरिक

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Eksandeshlive Desk

मस्कट : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर स्काईलाइट पर हमला किया है। यह हमला उस वक्त किया गया, जब वह ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था। इस दाैरान जहाज पर सभी 20 क्रू मेंबर्स को निकाल लिया गया, जिनमें 15 भारतीय नागरिक और 5 ईरानी नागरिक शामिल थे। क्रू के चार मेंबर्स को चोटें आई हैं, जिन्हें इलाज के लिए ले जाया गया है। ओमान न्यूज एजेंसी (ओएनए) ने रविवार को मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर (एमएससी) के हवाले से बताया कि ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रिपब्लिक ऑफ पलाऊ का झंडा लहरा रहे एक ऑयल टैंकर को मुसंदम गवर्नरेट में खासाब पोर्ट से निशाना बनाया गया।

होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच एक स्ट्रेट : एजेंसी ने बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार सभी 20 क्रू मेंबर्स को निकाल लिया गया, जिनमें 15 भारतीय नागरिक और 5 ईरानी नागरिक शामिल थे। इसके अलावा क्रू के चार सदस्याें को अलग-अलग चोटें आई हैं, जिन्हें जरूरी मेडिकल इलाज के लिए ले जाया गया है। एमएससी ने पुष्टि कि अलग-अलग सैन्य, सुरक्षा और नागरिक प्राधिकरण के बीच समन्वय बनाकर बचाव कार्य काे अंजाम दिया गया। होर्मुज गलियारा दुनिया का सबसे जरूरी तेल एक्सपोर्ट रूट है, जो सऊदी अरब, ईरान, इराक और यूनाइटेड अरब अमीरात (यूएई) जैसे खाड़ी के सबसे बड़े तेल प्रोड्यूसर को ओमान की खाड़ी और अरब सागर के जरिए ग्लोबल मार्केट से जोड़ता है। होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच एक स्ट्रेट है। यह फारस की खाड़ी से खुले समुद्र तक जाने का एकमात्र समुद्री रास्ता देता है और दुनिया के सबसे सामरिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है। होर्मुज में किसी भी बड़ी रुकावट के तुरंत आर्थिक और ग्लोबल नतीजे हो सकते हैं। इससे एशियाई इंपोर्टर – खासकर चीन, भारत, जापान और दक्षिण कोरिया में तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) की कीमतें ट्रांजिट में रुकावट या मंदी के रिस्क के जवाब में तेजी से बढ़ सकती हैं। बढ़ते रिस्क प्रीमियम से टैंकर इंश्योरेंस की लागत और माल ढुलाई की दरें बढ़ जाएंगी।

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