News by Sunil Verma
रांची: विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक्स अभियांत्रिकी विभाग बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान मेसरा मे स्मार्ट ऊर्जा प्रौद्योगिकियों, इंटेलिजेंट कंट्रोल और ड्राइव्स में प्रगति विषय पर पाँच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का उद्घाटन सत्र मंगलवार को शुरू हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षाविदों, शोधकतार्ओं और उद्योग विशेषज्ञों को एक मंच प्रदान करना है जहाँ वे स्मार्ट ग्रिड, नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण, इंटेलिजेंट कंट्रोल सिस्टम और आधुनिक इलेक्ट्रिक ड्राइव्स के क्षेत्र में उभरती प्रगति पर ज्ञान का आदान-प्रदान कर सकें। यह पहल वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में तीव्र परिवर्तन के संदर्भ में सतत और कुशल ऊर्जा समाधानों की बढ़ती आवश्यकता को संबोधित करती है।
कार्यक्रम की शुरूआत पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन और संस्थान गीत के साथ हुई। अपने संबोधन में प्रो. शेरॉन ने ऊर्जा प्रणालियों के तेजी से विकसित होते क्षेत्र में निरंतर सीखने और अनुकूलन के महत्व पर बल दिया। डॉ. मिश्रा ने एफडीपी के उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए अकादमिक शोध और औद्योगिक व्यवहार के बीच की खाई को पाटने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रो. घोष ने पावर सिस्टम और नियंत्रण प्रौद्योगिकियों में उभरते रुझानों पर अपने विचार साझा किए। डॉ. सोनम आचार्य ने मुख्य व्याख्यान प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने पावर इलेक्ट्रॉनिक्स में हालिया प्रगति और नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों में उनके अनुप्रयोगों पर प्रकाश डाला। यह एफडीपी 8 मई तक चलेगा, जिसमें आईआईटी और एनआईटी के प्रख्यात शिक्षाविदों तथा उद्योग विशेषज्ञों के व्याख्यान शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न संस्थानों से फैकल्टी सदस्य, शोधार्थी और स्नातकोत्तर छात्र भाग ले रहे हैं।
