Eksandeshlive Desk
रांची : मेदांता अब्दुर्रज्जाक अंसारी मेमोरियल वीवर्स हाॅस्पिटल, रांची ने पिछले छह माह से पूरे शरीर के जोड़ों में दर्द के साथ किसी तरह चल फिर पा रही 45 साल की महिला का त्वरित इलाज कर उसे राहत दिलाई। इस दौरान उसे बुखार भी रहता था तथा सूखी खांसी भी होती थी। अब वह बिल्कुल ठीक है और सामान्य जीवन जी रही है तथा न्यूनतम दवाओं पर बीमारी नियंत्रण में है। मरीज एक दुर्लभ ऑटोइम्युन बीमारी एंटीसिंटेज सिंड्रोम से ग्रसित थी। यह एक जटिल बीमारी है जो आमतौर पर देर से पहचान में आती है, लेकिन इस मामले में समय रहते सटीक जांच और इलाज के कारण उसे पूरी तरह राहत मिल गयी।
डाॅ. अवनीश बताते हैं कि इस बीमारी का असर मुख्यरूप से तीन अंगों पर पड़ता है- जोड़ों में दर्द (आर्थराइटिस), त्वचा में बदलाव (मैकेनिक हैंड) और फेफड़ों में सूजन या इंटरस्टिशियल लंग डिजीज (आईएलडी)। कुछ मरीजों में मांसपेशियों की कमजोरी (मायोसाइटिस) भी देखी जाती है। हालांकि इस मरीज में मांसपेशियों से संबंधित लक्षण नहीं थे। उन्होंने कहा कि मरीज को तुरंत इम्युनोमाॅड्यूलेटरी दवाओं के माध्यम से इलाज शुरू किया गया। इन दवाओं से मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। तीन महीने के बाद भी मरीज पूरी तरह स्वस्थ है।
