पश्चिम एशिया संकट : अमेरिका समझौते के लिए होर्मुज में ईरान को घेरने को तैयार, तेहरान का जवाब- देखेंगे

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Eksandeshlive Desk

वाशिंगटन/तेहरान : पश्चिम एशिया संकट का निकट भविष्य में समाधान होता नजर नहीं आ रहा है। अमेरिकी सेना इस समय स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान के मौजूदा रक्षा ठिकानों को निशाना बनाने की योजना बना रही है। अगर संघर्ष विराम (युद्धविराम/सीजफायर) विफल हो जाता है तो अमेरिका सेना इशारा मिलते ही ईरान के सैन्य अड्डों पर समन्वित हमले शुरू कर सकती है। इस घटनाक्रम से परिचित कई सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है। वहीं, ईरान ऐसी तैयारियों से बेफिक्र नजर आ रहा है। सर्वोच्च नेता ने कहा कि हालात के अनुसार फैसला लिया जाएगा। युद्ध से पीछे नहीं हटेंगे। सीएनएन, द टाइम्स ऑफ इजराइल और फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सैन्य अधिकारी ईरान के साथ मौजूदा संघर्ष विराम टूटने पर होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की सामरिक क्षमता को तहस-नहस करने के लिए तैयारी कर रहे हैं। यह हमले होर्मुज जलडमरूमध्य, दक्षिणी अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी के आसपास केंद्रित हो सकते हैं।

खामेनेई ने कहा- ईरानी लोगों की एकजुटता और भी अधिक मजबूत और फौलादी हो गई : इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के साथ स्थायी युद्ध विराम समझौता करने के लिए ईरान को हिजबुल्लाह की फंडिंग रोकनी होगी। इजराइल और लेबनान के बीच राजदूतस्तर की बातचीत के दूसरे दौर की अध्यक्षता करने के बाद ओवल ऑफिस में उन्होंने पत्रकारों से यह बात कही। सनद रहे कि ईरान के साथ हालिया बातचीत मुख्य रूप से परमाणु मुद्दे पर केंद्रित रही है। इस समय होर्मुज में नाकेबंदी के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारी उथल-पुथल है। ट्रंप ने गुरुवार को ट्रुथ सोशल पर कहा कि ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स और सरकार के बीच दरार है। यही दरार राजनयिक समझौते की राह में बड़ी बाधा है। ट्रंप ने लिखा, “ईरान को यह समझने में बहुत मुश्किल हो रही है कि उनका असल नेता कौन है। इस पर ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने तत्काल टिप्पणी दी। उन्होंने कहा कि ट्रंप को गलतफहमी है। सच यह है कि देशवासियों के बीच अद्भुत एकता की भावना का संचार हुआ है। खामेनेई ने कहा कि लोगों की एकजुटता और भी अधिक मजबूत और फौलादी हो गई है। दुश्मन को यह बात भली भांति समझ में आ जानी चाहिए। ईरान दुश्मन के इरादों को सफल नहीं होने देगा। हर हालात में मुकाबला किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ट्रंप युद्ध में हारे हुए नेता हैं। इसलिए कलह का नया शिगूफा छोड़ रहे हैं।

डोनाल्ड ट्रंप ने की इजराइल-लेबनान के बीच तीन सप्ताह के संघर्ष विराम की घोषणा : इस बीच, अमेरिकी की मेजबानी में इजराइल और लेबनान वाशिंगटन में गुरुवार को हुई राजदूत स्तर की वार्ता में तीन हफ्ते के सैन्य विराम ( युद्ध विराम/ सीज फायर) पर सहमत हो गए। बैठक के आखिर में दोनों पक्षों से बातचीत करने के बाद यह घोषणा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की मध्यस्थता में हुई इस शांति वार्ता की सफलता पर ट्रंप ने खुशी जताई। सीबीएस न्यूज और अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को व्हाइट हाउस में इजराइल और लेबनान के अधिकारियों के बीच शांति वार्ता के दूसरे दौर के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि दोनों देशों के बीच युद्ध विराम को तीन हफ्ते के लिए बढ़ा दिया गया है। उन्होंने सोशल ट्रुथ पर लिखा, “इजराइल और लेबनान के बीच युद्ध विराम को तीन हफ्ते के लिए बढ़ाया जाएगा।” इजराइल और लेबनान के बीच शुरुआती 10 दिन का युद्ध विराम 16 अप्रैल को लागू हुआ था। राष्ट्रपति ने कहा कि यह समझौता ओवल ऑफिस में हुई एक बैठक के बाद हुआ। इसमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रूबियो, इजराइल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी, लेबनान में अमेरिकी राजदूत मिशेल इस्सा और इजराइल व लेबनान के उच्चस्तरीय प्रतिनिधि शामिल हुए। ट्रंप ने लिखा, “बैठक बहुत अच्छी रही। मैं निकट भविष्य में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन की मेजबानी करने के लिए उत्सुक हूं।” ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि ईरान को लेबनान के आतंकी संगठन हिजबुल्लाह को फंडिंग बंद करनी होगी। उन्होंने कहा कि शांति के लिए यह बहुत जरूरी है।

लेबनान पर इजरायली हमले के जवाब में हिजबुल्लाह ने की रॉकेटों की बौछार : इस बीच ईरान समर्थित हिजबुल्लाह ने एक बयान में कहा, “लेबनान और उसके लोगों की रक्षा और इजराइली दुश्मन के सीजफ़ायर के उल्लंघन और दक्षिणी लेबनान के याटर शहर को निशाना बनाने के जवाब में रॉकेटों की बौछार से श्टुला बस्ती को निशाना बनाया गया है।” इस पर इजराइली सेना ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि “लेबनान से इजराइली क्षेत्र में प्रवेश करने वाले कई रॉकेटों को रोक दिया गया। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि यह रॉकेट हमला गुरुवार को पहले दक्षिणी लेबनान पर हुए एक इजराइली हमले के बाद हुआ। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि वह ईरान के खिलाफ युद्ध फिर से शुरू करने के लिए तैयार हैं। उनका देश अमेरिका से हरी झंडी मिलने का इंतजार कर रहा है। इस पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान हर स्थिति का मुकाबला करने के लिए तैयार है। उधर, लेबनानी पत्रकार अमल खलील की हत्या को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध जारी है। अमेरिका में लेबनान की राजदूत नाडा हमादेह मोअवाद ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से संक्षेप में बात की। मोअवाद ने लेबनान के एलबीसीआई ब्रॉडकास्टर से कहा, “हमने इजराइली उल्लंघनों को रोकने और दक्षिण में हो रही तबाही को रोकने के संबंध में लेबनान का पक्ष रखा। हमने राष्ट्रपति ट्रंप से वादा किया कि हम लेबनान को फिर से महान बनाएंगे।”

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