
1987 से अनवरत जारी है बुद्ध पूर्णिमा पर पूजा की परंपरा; आपदा से रक्षा की लगाई गुहार
रांची: राजधानी के अलकापुरी,रातु रोड स्थित परिसर में शुक्रवार को रांची गंधवानिक समिति द्वारा कुल देवी श्री श्री माँ गंधेश्वरी की पूजा श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई। बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित इस विशेष अनुष्ठान में समाज के सैकड़ों परिवारों ने शिरकत कर सुख,शांति और व्यापारिक उन्नति की कामना की। धार्मिक विधि-विधान के साथ गुरुवार को बेलवरन अनुष्ठान कर देवी को आमंत्रित किया गया था। शुक्रवार सुबह मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापना की गई,जिसके बाद माँ गंधेश्वरी की विधिवत पूजा शुरू हुई। गौरतलब है कि गंधवानिक समाज,जो पारंपरिक रूप से सुगंधित वस्तुओं के व्यवसाय से जुड़ा है,अपनी कुल देवी की पूजा प्राकृतिक आपदाओं से रक्षा और समाज के उत्थान के लिए करता है। समिति के सदस्यों ने बताया कि इस सामूहिक पूजा की नींव वर्ष 1987 में स्व. सत्यकीनकर दास एवं उनके परिवार ने रखी थी। बीते दशकों में यह एक छोटे पारिवारिक आयोजन से निकलकर रांची गंधवानिक समिति के रूप में एक विशाल सामाजिक उत्सव बन चुका है। रांची के अलावा खूंटी,बुंडू,तमाड़ और जमशेदपुर में भी यह पूजा अपनी खास पहचान रखती है। आयोजन को सफल बनाने में असित कुमार मोदी,विवेक चांद,स्वपन कुमार दास,अशोक कुमार दास,अमर दास,कौशिक चांद,सजल दास,स्वागता दास,बरना दास,खुशबू कुमारी,सुजीत दास और राजेश दास समेत पूरी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
