Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली : बीजू जनता दल (बीजद) के वरिष्ठ नेता देबाशीष सामंतराय ने सोमवार को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन को भी अपना इस्तीफा सौंपा। इससे पहले उन्होंने बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक को पत्र लिखकर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा देने की घोषणा की थी। उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर उपेक्षा का आरोप लगाया। नई दिल्ली में सभापति को इस्तीफा सौंपने के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा कि आज सुबह उन्होंने बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक को अपनी प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़े का एक पत्र भेजा। उस पत्र में उन्होंने कुछ कारण बताए थे। इसके बाद वह राज्यसभा सीट से अपना इस्तीफ़ा देने गये।
सामंतराय ने कहा, “मुझे लगा कि बीजद में मेरा कोई भविष्य नहीं है, क्योंकि पार्टी अभी भी वीके पांडियन के प्रभाव में चल रही है। पार्टी की चुनावी हार के लिए नेतृत्व आत्ममंथन करने को तैयार नहीं है।” सामंतराय ने कहा कि किसी गैर-राजनीतिक व्यक्ति को अत्यधिक राजनीतिक जिम्मेदारी सौंपने से पार्टी की छवि और संगठन दोनों को नुकसान पहुंचा। भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की संभावना पर उन्होंने कहा कि एक राजनेता के तौर पर वह अपने विकल्प खुले रखते हैं और जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा उनके लिए सबसे बेहतर राजनीतिक विकल्प साबित हो सकती है। सामंतराय ने कहा कि बीजद ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दौर में भाजपा के साथ गठबंधन में सरकार चलाई थी, इसलिए भाजपा के साथ जाने में कोई वैचारिक असहजता नहीं है। उन्होंने दावा किया कि ओडिशा में भाजपा के सत्ता में आने के पीछे बीजद नेतृत्व की गलतियां और वीके पांडियन की भूमिका प्रमुख कारण रही। उन्होंने हालांकि नवीन पटनायक के शासनकाल को खराब नहीं बताया और कहा कि 25 वर्षों के शासन में प्रशासनिक स्तर पर गंभीर विफलताएं नहीं थीं, लेकिन पार्टी संगठन कमजोर हो गया।
