Eksandeshlive Desk
रांची: देश में जनगणना की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है और घर-घर सरकारी कर्मचारी सर्वेक्षण कर रहे हैं। वर्तमान जनगणना प्रपत्र में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए अलग कॉलम होने के बावजूद अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए कोई पृथक कॉलम नहीं रखा गया है, जिससे ओबीसी को सामान्य/अन्य श्रेणी में दर्ज किया जा रहा है। यह स्थिति चिंताजनक और अनुचित है। राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा एवं अन्य संगठनों के वर्षों के संघर्ष के बाद केंद्र सरकार ने देश में जाति जनगणना कराने की घोषणा की थी। फिर भी वर्तमान प्रपत्र में ओबीसी का अलग कॉलम न होना समाज और समुदाय के हितों के विरुद्ध है।
राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा, झारखंड प्रदेश मीडिया प्रभारी अशोक कुमार कुशवाहा ने बताया कि मोर्चा का मानना है कि इससे ओबीसी समुदाय सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और राजनीतिक स्तर पर और अधिक पिछड़ सकता है। शनिवार को प्रदेश कार्यालय आशीर्वाद भवन, हरमू में हुई बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा इस प्रपत्र में ओबीसी का पृथक कॉलम जोड़ने की मांग करेगा और इसका कड़ा विरोध करेगा। इसी संबंध में सभी राजनीतिक दलों के प्रदेश अध्यक्षों, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही 4 जून 2026 को राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, धुर्वा, रांची का घेराव किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने की। बैठक में महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष उर्मिला यादव, महासचिव विद्याधर प्रसाद, सत्येंद्र यादव, आर्थिक सलाहकार सुनील जायसवाल, इंजीनियर प्रदीप प्रसाद, सुनीत बरनवाल, बालेश्वर प्रसाद, प्रभात रंजन, राजेश ठाकुर, उमा भारती, अनीता यादव सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
