ईसीएलजीएस 5.0 योजना के अंतर्गत ग्राहक मिलन कार्यक्रम आयोजित, लाभार्थियों को वितरित किए गए स्वीकृति पत्र

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Eksandeshlive Desk

हजारीबाग : बैंक ऑफ इंडिया, हजारीबाग अंचल कार्यालय द्वारा 30 मई को अंचल कार्यालय परिसर में ईसीएलजीएस 5.0 (Emergency Credit Line Guarantee Scheme 5.0) के प्रचार-प्रसार एवं ग्राहकों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक भव्य ग्राहक मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न एमएसएमई उद्यमियों, व्यापारियों एवं बैंक के सम्मानित ग्राहकों सहित 100 से अधिक लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता बैंक ऑफ इंडिया, हजारीबाग अंचल के अंचल प्रबंधक नरेंद्र कुमार द्वारा की गई। अपने संबोधन में उन्होंने ईसीएलजीएस 5.0 योजना की विशेषताओं, पात्रता मानदंडों एवं व्यवसायों के लिए उपलब्ध वित्तीय सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह योजना व्यवसायों को उनकी कार्यशील पूंजी एवं विस्तार संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान कर रही है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधक (DDM) ऋचा भारती ने उद्यमियों एवं ग्राहकों को संबोधित करते हुए वित्तीय समावेशन, स्वरोजगार, ग्रामीण उद्यमिता तथा एमएसएमई क्षेत्र के सशक्तिकरण में बैंकिंग संस्थाओं एवं नाबार्ड की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने ग्राहकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान ईसीएलजीएस 5.0 योजना के अंतर्गत पात्र ग्राहकों को ऋण स्वीकृति पत्र (Sanction Letters) भी वितरित किए गए। स्वीकृति पत्र प्राप्त करने वाले ग्राहकों ने बैंक द्वारा प्रदान की जा रही त्वरित एवं ग्राहक-केंद्रित सेवाओं की सराहना की तथा बैंक ऑफ इंडिया के प्रति अपना विश्वास व्यक्त किया। ग्राहकों एवं उद्यमियों के साथ आयोजित संवाद सत्र में बैंक अधिकारियों ने विभिन्न ऋण योजनाओं, एमएसएमई वित्तपोषण, कार्यशील पूंजी सुविधाओं तथा अन्य बैंकिंग उत्पादों से संबंधित प्रश्नों का समाधान किया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्राहकों को बैंक की योजनाओं से जोड़ना तथा स्थानीय उद्योग एवं व्यापार को वित्तीय सहयोग प्रदान करना रहा। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उपस्थित ग्राहकों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताते हुए बैंक ऑफ इंडिया द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की।

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