राज्य सभा सांसद परिमल नथवाणी के प्रश्न का जवाब देते राज्य मंत्री ने जानकारी उपलब्ध करवाई
Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने इंडिया एआई मिशन के तहत झारखंड के आईटीआई और पॉलिटेक्निक में 11 डेटा एवं एआई लैब बनाने की मंज़ूरी दी है, जिनमें से 6 संस्थानों को चिन्हित किया गया है। ये इंडिया एआई फ्युचर स्कील्स पिलर एआई, डेटा एनोटेशन, डेटा क्यूरेशन और एप्लाइड डेटा साइंस में प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। राज्यसभा में सांसद परिमल नाथवाणी द्वारा एआई से जुड़े सवालों के जवाब में इलेक्ट्रोनिक व सूचना प्रोद्यौगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने यह जानकारी उपलब्ध करवाई। मंत्री ने आगे बताया कि केंद्र के इंडिया एआई स्टार्टअप फाइनेंसिंग पिलर के तहत झारखंड को दो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस; एआई-सीओईएस दिए गए हैं ताकि राज्य में क्षेत्रीय एआई इनोवेशन इकोसिस्टम को मज़बूत किया जा सके और स्टार्टअप, एमएसएमई और शैक्षणिक संस्थानों को खास मदद दी जा सके।
फ्युचर स्कील्स पिलर के तहत ही इंडिया एआई फेलोशिप का मकसद देश भर में एआई रिसर्च कर रहे अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और डॉक्टोरल स्कॉलर्स की मदद करके भारत की एआई प्रतिभा पाइपलाइन निर्माण करना है। झारखंड को अब तक 8 फेलोशिप मिली हैं, जिनमें 2 स्नातक और 6 पीएचडी अनुसंधान फेलोशिप शामिल हैं। लिखित जवाब में दी गई जानकारी के अनुसार, भारत की एआई कार्यनीति 300 बिलियन डॉलर के वार्षिक राजस्व और 60 लाख सुदृढ़ कार्यबल के साथ भारत के जीवंत आईटी क्षेत्र पर आधारितहै। सरकार ने 7 मार्च 2024 को पांच वर्षों में 10,371.92 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ इंडिया एआई मिशन को स्वीकृतिदी, जिसे सात स्तंभों के माध्यम से संचालित किया गया। राज्यसभा सांसद नथवाणी यह जानना चाहते थे कि केंद्र सरकार गवर्नेंस, शिक्षा, हेल्थकेयर, कृषि और आपदा प्रबंधन में एआई को अपनाने में झारखंड की मदद के लिए क्या-क्या कर रही है।
